गलाडा दफ्तर में बार-बार बिजली कटौती से लोगों को हुई असुविधा

भास्कर न्यूज | लुधियाना पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के फिरोजपुर रोड कार्यालय में अधिकारियों की लापरवाही और नागरिकों के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार ने आम जनता को भारी परेशानियों का सामना कराया है। कई शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और उपभोक्ताओं को धक्के खाने पर मजबूर किया। जसविंदर सिंह ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल एक महीने में 65,000 रुपये आया, जो गलत मीटर रीडिंग के कारण था। उन्होंने बताया कि पावरकॉम द्वारा नियुक्त प्राइवेट रीडर ने उनके मीटर की गलत रीडिंग ली थी, जिससे बिल में भारी वृद्धि हो गई। जब वह फिरोजपुर रोड स्थित कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें एक कमरे से दूसरे कमरे भेज दिया गया, जहां उन्हें हर बार नयी दिशा-निर्देश दिए गए। पहले कहा गया कि वे कमरा नंबर 104 में जाएं, फिर कमरा नंबर 111 में और बाद में रीडर सुपरिंटेंडेंट के पास जाने के लिए कहा गया। सुपरिंटेंडेंट ने उन्हें यह कहते हुए लौटा दिया कि हमारी सैलरी नहीं आई, आप रीडर से बात करें। रीडर से बात करने के बाद उन्होंने रीडिंग को फिर से चेक करने के लिए फार्म भर दिया। हालांकि, जब वह एसडीओ (सुपर डिविजन ऑफिसर) और जेई (जूनियर इंजीनियर) का इंतजार कर रहे थे, तो उन्हें लगभग एक किलोमीटर तक उनके कमरे खोजने के लिए दौड़ना पड़ा। आखिरकार, चार घंटे बाद जब एसडीओ मिले, तो उन्होंने कहा कि पहले रसीद कटवानी होगी। रसीद कटवाने के लिए जब वह गए, तो बिजली विभाग में लाइट न होने के कारण कैशियर भी चला गया। वहीं, चंदर नगर से अपना बिजली बिल जमा कराने आए 70 वर्षीय जगमोहन सिंह को भी चार घंटे तक धक्के खाने पड़े। सुबह 10 बजे से वह विभाग के कार्यालय में खड़े थे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। इस कुप्रबंधन और लापरवाही से जनता में गुस्सा है। पंजाब भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट परमिंदर मेहता ने भी इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि हैबोबल के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बिजली की सप्लाई कई घंटे बंद रहती है, जिससे नागरिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज तो स्थिति यह रही कि सात-आठ घंटे से बिजली सप्लाई ठप है, जिससे न केवल घरेलू कामों में परेशानी हो रही है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। मेहता ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के प्रमुख और अन्य अधिकारी अपने फोन तक स्विच ऑफ कर लेते हैं और उनकी शिकायतों का कोई उत्तर नहीं मिल रहा था। आरोप : एक्सईएन ने नहीं उठाया फोन पावरकॉम एक्सईएन दलजीत सिंह को कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। इतना ही नहीं मैसेज करने के बाद भी उन्होंने जवाब देना उचित नहीं समझा। वहीं लोगों का भी कहना है कि एक्सईएन से मिलने गए लेकिन वे नहीं मिले और न ही उन्होंने फोन उठाया।

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