भास्कर न्यूज |लुधियाना सिधवां कनाल पर स्थित साउथ सिटी में नेशनल हाइवे 95 ए पर धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध बिल्डिंग निर्माण को लेकर ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गलाडा) ने बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है। इस सड़क पर बनी करीब 70 इमारतों के खिलाफ सीएलयू (कंप्रिहेंसिव लैंड यूज) कैंसिल करने के आदेश जारी किए गए हैं। संबंधित प्रॉपर्टी मालिकों को एक महीने के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी भेजे गए हैं। गलाडा द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि इन इमारतों का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया गया है, जिससे यह सभी इमारतें अवैध हैं। गलाडा ने इन बिल्डिंगों के मालिकों से उनके खिलाफ उठाए गए कदमों पर एक महीने के भीतर जवाब देने को कहा है। बताया जा रहा है कि इन बिल्डिंगों में कई नामी कंपनियों के रेस्त्रां, होटल, क्लब और स्टोर चल रहे हैं, वहीं कुछ इमारतें अभी निर्माणाधीन हैं। हालांकि, ये सभी निर्माण नेशनल हाइवे के नियमों का उल्लंघन करते हुए किए गए हैं। ग्लाडा के एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर विनीत कुमार द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, इन बिल्डिंगों को अवैध घोषित किया गया है, और उनकी सीएलयू कैंसिल कर दी गई है। नियमों के अनुसार, नेशनल हाइवे पर किसी भी प्रकार का निर्माण बिना उचित अनुमति के नहीं किया जा सकता, और इन इमारतों ने इस दिशा में सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। इससे पहले, लुधियाना सिटीजन काउंसिल की ओर से इन गलत निर्माणों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। काउंसिल ने आरोप लगाया था कि इस क्षेत्र में अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शहर की संरचना और यातायात व्यवस्था के लिए भी खतरे का कारण बन सकता है।


