रांची के गवर्नमेंट टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में बीएड सेशन 2023-25 के परीक्षा फॉर्म भरने में एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नियमों की खुलकर अनदेखी हुई है। जिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम थी या जिन्होंने स्कूल इंटर्नशिप (स्कूल में अध्यापन) पूरी नहीं की थी, उन्होंने भी फॉर्म जमा कर दिया। कॉलेज प्रबंधन की शिकायत के बावजूद रांची विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। इस पूरे घटनाक्रम ने बीएड शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वविद्यालय की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए…चार बड़ी गड़बड़ियां उपस्थिति शून्य या बेहद कम : कई छात्रों की कक्षा उपस्थिति 80% से बहुत कम रही, जबकि कुछ की उपस्थिति शून्य दर्ज की गई। इंटर्नशिप अधूरी : छात्रों ने स्कूल में अध्यापन की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी नहीं की और फर्जी दस्तावेज लगाकर दावा किया। पासवर्ड का दुरुपयोग : कॉलेज प्रबंधन द्वारा रोक के बावजूद कुछ छात्रों ने अनधिकृत तरीके से पासवर्ड हासिल कर ऑनलाइन फॉर्म भर दिए। इंटर्नल एग्जाम में गैरहाजिर : कई छात्रों ने आंतरिक परीक्षाओं में भी हिस्सा नहीं लिया, फिर भी उन्हें फॉर्म भरने दिया गया। गवर्नमेंट टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में कई स्तर पर हुईं अनियमितताएं इंटर्नल एग्जाम के बिना एग्जाम फॉर्म कैसे जमा हो गया? -छात्रों से इंटर्नल एग्जाम लिया जाएगा। बिना एनओसी और पासवर्ड के फॉर्म कैसे भर दिया गया? -छात्रों ने लिखित माफीनामा दिया है। क्या एनसीटीई रेगुलेशन की अनदेखी हुई? -नियमों का पालन करने के बाद ही बीएड पास का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। आरयू ने भी बरती लापरवाही… कॉलेज प्रबंधन के अनुसार कई छात्रों ने बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए ही परीक्षा फॉर्म जमा कर दिया। यह साफ करता है कि छात्रों ने हर स्तर पर नियम तोड़े। विश्वविद्यालय ने भी लापरवाही बरतते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया। प्रिंसिपल ने आरयू को लिखा लेटर रमण झा, प्रिंसिपल, ट्रेनिंग कॉलेज


