तिली तिराहा से गिरधारीपुरम के लिए 33 माह की जर्जर सड़क से हजारों लोगों को आवागमन कराने के बाद स्मार्ट सिटी ने नया टेंडर जारी किया है। लैंडमार्क विक्ट्री वन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से काम वापस लेने के बाद इसका नया टेंडर जारी किया है। 18 जनवरी तक ऑनलाइन टेंडर लिए जा सकेंगे। इसमें शर्त है कि जो भी निर्माण एजेंसी सड़क का ठेका लेगी, वर्क ऑर्डर मिलने के बाद उसे 2 माह में काम पूरा करके देना पड़ेगा। गिरधारीपुरम की सड़क 18 माह में बनकर तैयार होनी थी। लेकिन लैंडमार्क कंपनी ने 18 की जगह 33 माह में सड़क का 5 प्रतिशत हिस्सा तक नहीं बनाया। जबकि इस सड़क को लेकर विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक निर्देश देते रहे। स्थानीय लोगों की खुली बगावत और विरोध के बाद मामला संज्ञान में आने पर बीते दिनों जब मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर नाराजगी जताई तब नया टेंडर जारी किया गया है। लैंडमार्क कंपनी घटिया-अधूरे कामों के लिए चर्चित स्मार्ट सिटी की सड़कों का एक बड़ा हिस्सा दो फेस में लैंडमार्क कंपनी ने लिया था। परंतु कंपनी काम करने की जगह लेटलतीफी बरतने और घटिया व अधूरे काम करने के रूप में अपनी पहचान बना बैठी। चाहे परकोटा-तीन मड़िया सड़क हो या फिर भगवानगंज की सड़क। यहां डिवाइडर से लेकर कई काम अधूरे पड़े हैं। जबकि कगदयाऊ सड़क इतनी घटिया है कि कई जगह से सड़क सीमेंट छोड़ चुकी है। कई जगह सड़क ऊबड़-खाबड़ स्थिति में पहुंच गई है, जो अब मरम्मत मांग रखी है। महापौर, विधायक, मंत्री कहते रहे कंपनी हटाओ लैंडमार्क कंपनी पर पूरे 33 माह स्मार्ट सिटी के अफसरों की मेहरबानी रही। अफसर कोई भी रहे लेकिन सड़क नहीं बनाने पर कंपनी को हटाने का दम नहीं दिखाया। महापौर तिवारी कंपनी हटाने की मांग करती रहीं। विधायक शैलेंद्र जैन ने भी कहा जिससे जनता परेशान वह कंपनी हटे। मंत्रियों ने भी ऐसा ही कहा, तब जाकर अब नया टेंडर निकला है। चौड़ीकरण में उलझा काम, पेंच सुलझा पर सड़क नहीं बनी सड़क शुरुआत से ही 18 मीटर चौड़ी बनना थी। लेकिन काम तो लगा नहीं, इसकी चौड़ाई जरूर घटाकर 10 मीटर कर दी गई। इसके बाद महापौर संगीता सुशील तिवारी नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय से मिलीं तो सड़क चौड़ीकरण के निर्देश हुए। परंतु सड़क बन नहीं सकी। महज एक टुकड़ा ही बनाया गया। जिससे कोई राहत नहीं हुई। लोग गिर रहे, सिर फूट रहे, पर अटकाते रहे सड़क निर्माण गिरधारीपुरम सड़क की स्थिति ऐसी है कि यहां आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों के सिर फूटे हैं तो कई के हाथ, पैर टूट चुके हैं। यह मामले आए दिन सुर्खियों में आए। लेकिन सड़क बनाने को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई। बीच में दिखाने के लिए कुछ दिन काम लगाया गया। लेकिन उसे बार-बार अटकाते भी रहे।


