गुजरात में 1 हजार से ज्यादा बांग्लादेशी हिरासत में:सीक्रेट मीटिंग के बाद शुरू हुआ ‘ऑपरेश क्लीन सिटी’, पुलिस ने रात में ही घेरे 5 इलाके

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों को विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद गुजरात सरकार ने पुलिस क्राइम ब्रांच को राज्य के बड़े शहरों और गांवों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को तुरंत हिरासत में लेने का आदेश दिया। अब तक एक हजार से ज्यादा हिरासत में लिए गए
गृहमंत्री के निर्देश के बाद गुजरात पुलिस का ऑपरेशन शनिवार रात 12 बजे शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। शनिवार रात 12 से सुबह 6 बजे तक अहमदाबाद में 890 और सूरत से 134 लोगों को हिरासत में लिया गया था। सभी के दस्तावेजों की जांच चल रही है। कुछ लोगों के पास से नकली भारतीय आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस ने सभी के फोन भी जब्त कर लिए हैं। अभी पूछताछ और डॉक्यूमेंट की जांच की जा रही है। गुजरात पुलिस के इस ताबड़तोड़ ऑपरेशन की पूरे देश में चर्चा हो रही है। तो आइए जानते हैं कि अहमदाबाद और सूरत में किस तरह ‘ऑपरेशन क्लीन सिटी’ को अंजाम दिया गया। शनिवार को हुई थी सीक्रेट मीटिंग
गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद गुजरात पुलिस प्रमुख विकास सहाय के साथ गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सूरत स्थित आवास पर शनिवार दोपहर को एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी। इस बैठक में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल और सूरत पुलिस कमिश्नर समेत उच्च अधिकारी मौजूद थे। मीटिंग में अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को पकड़ने से लेकर उन्हें वापस भेजने तक के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी कार्ययोजना तैयार की। इस पूरे ऑपरेशन को केवल वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों तक ही सीमित रखा गया। इसके बाद शनिवार रात 12 बजे के बाद दोनों शहरों में एक साथ ऑपरेशन क्लीन सिटी शुरू किया गया। दोनों शहरों में एक जगह इकट्ठी हुईं टीमें
इस पूरे मिशन को इनकम टैक्स की छापेमारी के अंदाज में ही अंजाम दिया गया। अहमदाबाद और सूरत में एक ही जगह पुलिस की टीमें बुलवाई गईं और इसके बाद रात के सन्नाटे में ही दोनों शहरों के संवेदनशील इलाकों में छापेमारी कर बांग्लादेशियों को हिरासत में लेने का सिलसिला शुरू किया। 3 डीसीपी, 10 एसीपी, 45 पीआई और 800 पुलिसकर्मियों की 16 टीमें
इस ऑपरेशन में 3 डीसीपी, 10 एसीपी और 45 से अधिक पीआई सहित कुल 16 टीमें गठित की गईं। पूरी टीम का नेतृत्व और निगरानी संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने की। इस टीम में 70 पीएसआई और 800 पुलिसकर्मी शामिल थे। ऑपरेशन में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, एसओजी और जोन-6 के डीसीपी की बड़ी भूमिका रही। अब पढ़िए, दोनों शहरों में किस तरह ‘ऑपरेशन क्लीन सिटी’को अंजाम दिया गया… रात 2 बजे अहमदाबाद में दो बड़े इलाके को घेरा
अहमदाबाद में एसपी, डीएसपी और 400 पुलिसकर्मी की टीमें रात के करीब 2 बजे सहायनगर और चंदोला झील इलाके में पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया। इसके बाद पहले खुले में सो रहे लोगों को हिरासत में लिया गया और फिर घरों में छापेमारी कर अन्य लोगों को बाहर निकाला। इस तरह सुबह 6 बजे तक चंदोला झील के आसपास के क्षेत्र से से करीब 600 लोगों को और बाकियों को सहायनगर से हिरासत में लिया गया। इनमें से 470 पुरुष और महिलाएं-बच्चे शामिल हैं। हिरासत में लिए गए लोगों को अपराध शाखा परिसर लाया गया। जांच में कईयों के पास से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड जब्त किए गए हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इनमें से कई धाराप्रवाह गुजराती भी बोलते हैं। इससे साफ है कि ये लोग लंबे समय से गुजरात में रह रहे हैं। अहमदाबाद पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीमों के साथ अब केंद्रीय एजेंसियां भी इस पूरे मामले को देख रही हैं। डॉक्यूमेंट्स का सत्यापन करने के बाद निर्वासित करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। सूरत से तीन इलाकों का घिराव कर पकड़े 134 लोग
अहमदाबाद की तरह सूरत में भी इसी तरह ‘ऑपरेशन क्लीन सिटी’को अंजाम दिया गया। रात करीब 12 बजे पुलिस की टीमें एक जगह जमा हुईं और इसके बाद ऊन, फुलवाड़ी और कडोदरा इलाके के लिए रवाना हुईं। तीनों इलाकों को चारों तरफ से घेरने के बाद लोगों को हिरासत में लेने का सिलसिला शुरू हुआ। छापेमारी के दौरान करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच के बाद 134 लोग संदिग्ध पाए गए। सभी के डॉक्यूमेंट्स जब्त कर उनकी जांच की जा रही है। सूरत पुलिस ने दस्तावेज सत्यापन के लिए 10 टीमें गठित की हैं। आज सुबह रांदेर इलाके से एक भिखारी को हिरासत में लिया गया है। इसके बांग्लादेशी होने की शिनाख्त हो गई है। आज भी 150 बांग्लादेशियों की पहचान हुई
आज भी पुलिस जांच के दौरान अहमदाबाद के चंदोला इलाके की एक बस्ती में रह रहे 150 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशियों की पहचान की गई है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है। जांच में पता चला है कि अहमदाबाद से ही दो-तीन स्थानों से निर्वासित होने के बाद ये लोग चंदोला झील के आसपास की बस्तियों में बस गए थे। जांच में यह भी पता चला है कि इनमें से ज्यादातर लोगों ने फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवा लिए हैं। इसके साथ ही फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। इस बात की जांच की जा रही है कि अवैध निवासी यहां किन-किन लोगों की मदद से आए थे। ट्रेन से भी पकड़े गए 5 बांग्लादेशी
रविवार सुबह करीब 4.15 बजे जब अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन वडोदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची तो उसकी जांच की गई। ट्रेन में पांच बांग्लादेशियों कि पहचान हुई। जिसमें पति-पत्नी, उनके दो बच्चे और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। रेलवे पुलिस ने उनके पहचान दस्तावेजों की जांच की तो पाया कि ये बांग्लादेशी हैं और इलीगल तरीके से भारत में दाखिल हुए थे। इन्हें हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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