बाड़मेर और बालोतरा का भूगोल बदलने के बाद अब सोमवार को गुड़ामालानी के लोगों ने एक बार फिर गुड़ामालानी को जिला बनाने की मांग शुरू कर दी है। जिला संघर्ष समिति ने सीएम के नाम का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। उधरए गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने के विरोध में बीते 10 दिनों से पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी शीतलहर में धरने पर बैठे है। संघर्ष समिति के प्रवक्ता एडवोकेट चंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया- साल 2022 से लगातार गुड़ामालानी को जिला बनाने की मांग की जा रही है। अब सरकार ने अगर शीघ्र मांग पूरी नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 2 जनवरी को सामने आया था नोटिफिकेशन दरअसल, राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर की डेट का नोटिफिकेशन 2 जनवरी की रात को सामने आया था। इसमें बाड़मेर और बालोतरा जिले के पुनर्गठन कर सीमाएं बदल दी गई है। बाड़मेर से धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को नए जिले बालोतरा में शामिल कर दिया। वहीं बायतु को फिर से बाड़मेर जिले में लिया गया। इसके बाद से धोरीमन्ना में लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। 14 जनवरी को धोरीमन्ना में जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा आएंगे। रैली में शामिल होंगे। इधर जिला संघर्ष समिति ने सोमवार को एक बार फिर गुड़ामालानी को जिला बनाने के लिए सीएम के नाम ज्ञापन गुड़ामालानी एसडीएम केशव कुमार मीणा को दिया गया। समिति ने कहा कि गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल करने के फैसले से क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। जिला बनाने मांग को पूरी नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बोले- गुड़ामालानी की जनता खुश नहीं संघर्ष समिति के प्रवक्ता एडवोकेट चंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया- समिति और आम जनता की ओर से सीएम और सीएस के नाम का ज्ञापन एसडीएम को दिया गया है। हमारी मुख्य मांग है कि गुड़ामालानी को जिला बनाया जाए। 2022 में संघर्ष समिति लगातार जिला बनाने की पैरवी कर रही है। पूर्ववर्ती सरकार ने गुड़ामालानी को जिला बनाने को लेकर प्रस्तावित भी किया था। हमने पहले पोस्टकार्ड अभियान, हस्ताक्षर अभियान, ईमेल और ट्विटर के माध्यम से सुझाव और मांग सरकार को भेजी गई थी। वर्तमान में जो निर्णय हुआ हे उससे गुड़ामालानी की जनता संतुष्ट नहीं है। समिति ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि गुड़ामालानी की यह जायज मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जिला घोषित किया जाए। जिससे प्रशासनिक सुविधाओं में राहत मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो। इस दौरान पूर्व प्रधान बिजलाराम चौहान, किसान नेता प्रहलाद सियोल, आरएलपी नेता ताजाराम सियाग, पर्यावरण प्रेमी दिनेश कड़वासरा, ऐडवोकेट डालूराम चौधरी, निंबाराम चौधरी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शंकरलाल सुंदेशा, मांगीलाल सियाग आदि मौजूद रहे।


