गुना में दो दिन से बादल छाए रहने के बाद मंगलवार सुबह बारिश का दौर शुरू हुआ। पहले अलसुबह 5 बजे के आसपास बूंदाबांदी हुई। इसके बाद सुबह 9 बजे तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। लगभग दस मिनिट तक झमाझम बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला। ग्रामीण इलाकों में भी मावठा गिरा। मौसम विभाग ने दोपहर में भी बारिश की संभावना जताई है। बता दें कि मध्य प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव हुआ है। गुना,बड़वानी और धार जिले के मनावर में मावठा गिरा।मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल-ग्वालियर समेत 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से हो रहा है। जिले में दो दिन से बादल छाए हुए थे। दो दिन से सूरज नहीं निकला है। इसकी वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज 6 डिग्री का फर्क रह गया। अधिकतम तापमान 18.7 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 19.1 और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज हुआ। सोमवार को अधिकतम तापमान 24.7 और न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री दर्ज हुआ। सोमवार मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा एवं आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवात सक्रिय है। यहीं से ट्रफ भी गुजर रही है। मंगलवार से अगले 2 दिन तक एमपी में भी इसका असर रहेगा। कहीं बादल तो कहीं बारिश होने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगला नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव हो रहा है। दो से तीन दिन बाद सिस्टम एमपी में भी असर दिखाएगा। यानी, फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का दौर रह सकता है। बारिश-शीतलहर की वजह से प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने का अनुमान जताया है। इस वजह से कई शहरों में रात का तापमान फिर 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टन डिस्टरबेंस(पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।


