गुमला में सैनिक स्कूल का संचालन पीपीपी मोड पर करने की मंत्रालय ने रखी शर्त, सांसद सुखदेव भगत ने जताई आपत्ति

भास्कर न्यूज|गुमला गुमला में सैनिक स्कूल खोलने के लिए मंत्रालय ने यह शर्त रखी है कि यदि इसका संचालन पीपीपी मोड पर किया जाए, तो आदिवासी बहुल इस जिले में सैनिक स्कूल के संचालन में परेशानी होगी। हालांकि इसे लेकर लोहरदगा लोस के सांसद सुखदेव भगत ने आपत्ति जताई है और स्पष्ट कहा है कि वीरों की धरती गुमला में सैनिक स्कूल का संचालन अति आवश्यक है और इसे सीधे सरकार के स्तर से संचालित किया जाए। उक्त जानकारी स्वयं सांसद ने गुमला पहुंचने पर विशेष बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पलायन जिले की सबसे प्रमुख समस्या है और रेलवे उनकी प्राथमिकता है। पलायन के बाबत कहा कि इसे पर्यटक स्थलों के विकास के जरिए दूर किया जा सकता है। जबकि उनका प्रयास है कि कम से कम गुमला में रेलवे ट्रैक अधिष्ठापित हो जाए। चूंकि रेलवे लाईन को लेकर कोरवा के तरफ सर्वे हो रहा है। किंतु गुमला इससे अछूता है। इस मामले को लेकर वे रेलवे मंत्री से जल्द ही मुलाकात करेंगे। आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। मौके पर सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, दीपनारायण उरांव, आशिक अंसारी, अकिल रहमान, निजी सचिव आलोक साहू, गुलाम सरवर,जय सिंह, शाहजहां अंसारी, सीता देवी, संतोष कुमार गुड्डू व रोहित उरांव आदि थे। पार्टी विशेष नहीं सबों के है सांसद : सांसद ने कहा कि वे भले ही इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते है, लेकिन सांसद किसी दल के नहीं बल्कि आम नागरिकों के है। इसलिए नागरिक बेझिझक अपनी समस्या उनके समक्ष रख सकते हैं। नागरिकों को सुगमता प्रदान करने के लिए सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा के आवास में संसदीय कार्यालय का शुभारंभ किया गया है। कोशिश है कि सरकारी भवन में भी एक कार्यालय खोला जाए ताकि जनता आसानी से अपनी बात रख सके। सांसद ने सड़क हादसों और ड्रग्स के सेवन पर चिंता जताई। कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लोहरदगा में शुक्रवार को बैठक की गई है। गुमला में भी सड़क सुरक्षा और ड्रग्स को लेकर प्रशासन के साथ बैठक करेंगे। कहा कि इसके लिए सामाजिक प्रयास की भी जरूरत है और सभी की जिम्मेवारी है कि रोड हादसे और ड्रग्स के बढ़ते सेवन पर रोकथाम के लिए पहल की जाए। सांसद ने कहा कि उग्रवाद प्रभावित इलाका के रूप में शुमार रह चुके रायडीह में अस्पताल या कॉलेज खुलवाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए भूमि चिन्हित करने को लेकर सीओ-बीडीओ के साथ स्थल देखा गया है। पर्याप्त भूमि मिलने पर इस प्रकिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान चार मजदूरों के फंसे होने पर भी उन्होंने चिंता जताई और प्रार्थना की कि सकुशल मजदूरों को निकाला जा सके।

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