भास्कर न्यूज |अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सिख इतिहास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन किया है। इस पुस्तक का नाम ‘श्री गुरु तेग बहादर जी का सैफाबाद में आगमन और नवाब सैफ खान’ है, जिसे शोधकर्ता डॉ. सतिंदर सिंह ने लिखा है। यह पुस्तक श्री गुरु तेग बहादर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित है। श्री गुरु तेग बहादर जी के सन्दर्भ में सैफाबाद और सैफ खान का उल्लेख सिख इतिहास में अद्वितीय है। श्री गुरु तेग बहादर जी के प्रिय नवाब सैफ खान सैफाबाद (वर्तमान बहादुरगढ़, जिला पटियाला) में रहते थे। गुरु साहिब के यहां तीन बार आने का उल्लेख मिलता है। एक बार माता नानकी जी, माता गुजरी जी, मामा कृपाल चंद जी तथा गुरु के अन्य प्रिय सिक्ख भाई मति दास जी, भाई सती दास जी भी सैफ खान के यहां पधारे थे। इस शहर की स्थापना लगभग 1659 ई. में हुई थी और इसका नाम सैफाबाद रखा गया। बाद में महाराजा पटियाला अमर सिंह ने 1775 में साहिब श्री गुरु तेग बहादर जी के पवित्र नाम पर इसका नाम बहादुरगढ़ रखा।


