‘गुरु रविदास जी दी बाणी चलदी, फुल्लां दी वर्षा हुंदी कल दी’, ‘कृपा करो महाराज, बच्चेयां ते कृपा करो’ समेत दर्जनों धार्मिक गीत दिनभर गुरुधाम और शहर में विभिन्न स्थानों पर गूंजते रहे। श्रद्धा के इन बोलों और भक्ति के आंसुओं के साथ आज पूरा जालंधर शहर सतगुरु रविदास महाराज के चरणों में नतमस्तक नजर आया। मौका था श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व का। धाम से लेकर डॉ. अंबेडकर चौक, मॉडल हाउस रोड और वडाला चौक तक का पूरा इलाका एक विशाल मेले का रूप ले चुका था। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया और खरीदारी की। शहर की विभिन्न संस्थाओं ने मेडिकल और रक्तदान कैंप लगाए, जो गुरु जी के लोक कल्याण के संदेश को सार्थक कर रहे थे। जिला प्रशासन और सीआरपीएफ के जवानों ने मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाली ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। समागम में अरदास करती हुई संगत। अमृतबाणी की पालकी और भक्तों का हुजूम करीब 11 बजे जब श्री गुरु रविदास धाम से पावन अमृतबाणी को पालकी साहब में सुशोभित कर श्रद्धालु श्री गुरु रविदास चौक स्थित सत्संग पंडाल में लेकर आए, तो माहौल भक्तिमय हो गया। “जय गुरुदेव, धन गुरुदेव’ के जयकारों ने संगत को निहाल कर दिया। संगत ने खुशहाली और सुख-शांति की अरदास की। कोई भूखा न रहे… संकल्प से लंगर लगाए गुरु के द्वार पर ‘कोई भूखा न रहे’ संकल्प के साथ जगह-जगह लंगर लगाए गए थे। ट्रस्ट के प्रधान हरदयाल बंगड़, सी. वाइस प्रेसिडेंट रजिंदर प्रसाद, कैशियर गौरव महे और सेवादार जुटे रहे। यह समागम एक एहसास था कि सतगुरु आज भी अपनी संगत के साथ हैं।


