भास्कर न्यूज | अमृतसर शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के मौके पर अकाश एवेन्यू स्थित गुरुद्वारा पातशाही दसवीं में अलौकिक गुरमत समागम आयोजित किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया एवं गुरुद्वारा पातशाही दसवीं प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरदीप सिंह बोपाराए की देखरेख में हुए उक्त विशाल गुरमत समागम में कथा-कीर्तन की अमृतवर्षा हुई। समागम में भाई कुलवंत सिंह के जत्थे ने वैरागमय कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कथावाचक व ग्रंथी भाई बलबीर सिंह ने संगत को गुरु अर्जन देव जी की लासानी शहादत बारे अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मुगल शासक जहांगीर के जुल्मों के आगे न झूकते हुए श्री गुरु अर्जन देव जी ने अपनी शहादत दी। उन्होंने कहा कि युवा पीढी को उनकी शहादत से प्रेरणा लेते हुए अत्याचारों का डटकर मुकाबला करना चाहिए। अन्याय व अत्याचार के आगे झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास गुरु साहिब व सिख जरनैलों की शहादतों का प्रमाण है । युवा पीढी व श्रद्धालु कथा-कीर्तन सुनते हैं, गुरबाणी भी सुनते व पढ़ते हैं लेकिन इन पर अमल कम ही करते हैं, जबकि जरूरत है कि श्रद्धालु गुरबाणी को सुनने -पढने के साथ साथ इस पर अमल भी करें। कमेटी के प्रधान हरदीप बोपाराए ने प्रसिद्ध रागी कुलवंत सिंह को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया। इससे पहले श्रीअखंड पाठ का भोग डाला गया। गुरु का अटूट लंगर बांटा गया तथा फतेहगढ चूड़िया रोड स्थित बाजवा अस्पताल के समक्ष छबील भी लगाई गई।


