गेतलसूद डैम में 100 मेगावाट के सोलर प्लांट का काम रुका, मजदूरों को धमकी

जेबीवीएनएल व सिकिदरी थाना को काम कर रही कंपनी ने दी जानकारी गेतलसूद जलाशय पर 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर सयंत्र लगाया जाना है। इस काम के लिए मेसर्स एलएंडटी लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। लेकिन यहां शुरू होने वाला कार्य बाधित हो गया है। जलाशय में वाणिज्यिक गतिविधियां चलाने वाले लोग साइट पर निर्माण कार्य शुरू करने से कंपनी को रोक रहे हैं। वे लोग मजदूरों को भी धमका रहे हैं। इस संबंध में काम करा रही कंपनी मेसर्स एलएंडटी लिमिटेड के प्रबंधन (परियोजना) ने सिकिदरी थाना, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक व संबंधित अन्य अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी है। परियोजना प्रबंधक की ओर से यह भी बताया गया है कि अगर समय पर साइट पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं हो पाएगी। झारखंड के लिए यह काफी बड़ा सोलर संयंत्र होगा। फ्लोटिंग पावर प्लांट का निर्माण सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) द्वारा 800 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। यहां से उत्पादित बिजली हटिया व नामकुम ग्रिड को दी जाएगी। वर्ष 2018 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। मई 2024 में एलएंडटी को मिला प्रोजेक्ट, भूसुर, हरपूटोला में रोका गया है काम 100 मेगावाट के सोलर संयंत्र का निर्माण का कार्य एल एंड टी को सात मई 2024 को आवंटित किया गया था। इस परियोजना को 18 महीने में पूरा कर देना है। यह बिजली सस्ती होगी। इसमें पानी के ऊपर ही तैरता हुआ सोलर प्लेट लगाए जाएंगे। कंपनी की ओर से बताया गया है कि फ्लोटिंग संयंत्र निर्माण सामग्री को जलाशय में स्थापित करने के लिए ओरमांझी ब्लॉक के ग्राम भूसुर, हरपूटोला में आने वाले जलाशय क्षेत्र का उपयोग किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन उक्त स्थल पर वाणिज्यिक नौकायन गतिविधियां चलाई जा रही हैं। नौकायन गतिविधियां चलाने वाले लोग ही साइट पर कार्य शुरू नहीं होने दे रहे हैं। कंपनी की ओर से इस निर्माण कार्य को प्रारंभ कराने के लिए उचित कार्रवाई करने का आग्रह थाना व संबंधित विभाग से किया गया है, ताकि राज्यहित में इस परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। मौखिक जानकारी दी गई है, कुछ ग्रामीणों का यहां विरोध है : सिकिदरी थाना प्रभारी ने बताया कि काम रोका जा रहा है, इस संबंध में कंपनी की ओर से मौखिक जानकारी दी गई है। कुछ ग्रामीणों का यहां विरोध है, जिसे देखा जा रहा है। पिछले 15 दिनों से मैं छुट्टी पर था। लिखित में आवेदन आया है या नहीं, यह अभी मेरी जानकारी में नहीं है। में पूरी नहीं हो पाएगी। झारखंड के लिए यह काफी बड़ा सोलर संयंत्र होगा। फ्लोटिंग पावर प्लांट का निर्माण सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) द्वारा 800 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। यहां से उत्पादित बिजली हटिया व नामकुम ग्रिड को दी जाएगी। वर्ष 2018 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी।

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