विक्की कुमार | अमृतसर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नीले कार्ड धारकों को अप्रैल, मई और जून का गेहूं बांटा जा रहा है, लेकिन फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के गोदामों में ही बोरियों से बंबू मारकर वजन घटाया जा रहा है। नतीजतन 50 किलो की जगह डिपुओं तक 47-48 किलो या उससे भी कम गेहूं पहुंच रहा है। डिपो होल्डरों का कहना है कि विभागीय अफसरों की मिलीभगत से यह खेल खुलेआम चल रहा है। नतीजतन विभाग के अधिकारी हर डिस्ट्रीब्यूशन में लाखों की सरकारी गेहूं में गोलमाल कर देते है और प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे रह जाते हैं। जिले के सभी गोदामों का यही हाल है। बता दें कि जिले में 1600 के करीब डिपो होल्डरों को तरनतारन रोड स्थित नंद किशोर गोदाम, रामतीर्थ रोड स्थित सुखमणि गोदाम, मजीठा रोड स्थित बल कलां-नागकलां के गोदाम, जंडियाला गुरु के गोदाम, अजनाला के महल बुखारी गोदाम, चौगावां के नजदीक स्थित कोहाली गोदाम और रईय्या स्थित 2 गोदामों से सरकारी गेहूं ट्रकों में भरकर डिपुओं पर पहुंचता है। डिपुओं पर गेहूं भेजने के लिए ट्रकों सहित ही गेहूं का तोल कर दिया जाता है। कई गोदाम ऐसे हैं, जहां से प्रति बोरी में 47 से 48 किलो गेहूं ही जाता है। डिपो होल्डर को बोरियां गिनकर उसका तोल बता दिया जाता है। कुछेक डिपो होल्डर ऐसे होंगे जिन्हें बोरी का वजन निकालकर गेहूं पूरे हिसाब के साथ दिया जा रहा है, लेकिन ज्यादातर को कम गेहूं ही पहुंच रहा है। इस संबंधी डिपो होल्डर अपने-अपने इंस्पेक्टरों को मौखिक रूप से शिकायतें तो दे रहे हैं, मगर आगे की कार्रवाई नहीं करवाना चाहते, क्योंकि अधिकारी डिपो होल्डरों पर अकसर कार्रवाई करने की धमकियां दे देते है।


