राज्य सरकार द्वारा नई पंचायत समितियों के गठन और पुनर्गठन के आदेशों के बाद से कई स्थानों पर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। जिले में श्रीबालाजी के स्थान पर अलाय को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने को लेकर आंदोलन दो दिनों से जारी है। वहीं आज मेड़ता रोड़ के स्थान पर गोटन को पंचायत समिति बनाने की मांग को लेकर एक बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आवाज़ उठाई है और इसके लिए मेड़ता में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे के वक्त उनसे समय लेकर अपनी बात रखने की रणनीति बनाई गई है। गोटन के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मेड़ता रोड़ के बजाय गोटन को पंचायत समिति मुख्यालय बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर रखेंगे अपनी बात मेड़ता रोड की जगह गोटन को पंचायत समिति बनाए जाने की मांग को लेकर गोटन में सर्वदलीय जनप्रतिनिधियों की एकजुटता देखने को मिली। गोटन रेलवे स्टेशन स्थित धर्मशाला में आयोजित सर्वदलीय जनप्रतिनिधि बैठक में क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और पंचायत स्तर के प्रतिनिधि एक मंच पर नजर आए। बैठक में 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान उनसे प्रत्यक्ष मुलाकात कर गोटन पंचायत समिति की मांग मजबूती से रखने की ठोस और संगठित रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। भौगोलिक दृष्टि से गोटन मुख्यालय जनहित में बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गोटन क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से केंद्र में स्थित है, यहां पर्याप्त प्रशासनिक संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़ी आबादी है। ऐसे में मेड़ता रोड के बजाय गोटन को पंचायत समिति मुख्यालय बनाए जाना जनहित और प्रशासनिक सुगमता दोनों के लिहाज से आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह किसी दल विशेष की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक मांग है। मुख्यमंत्री के समक्ष पेश करेंगे दस्तावेज बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जनसंख्या, दूरी, पंचायतों की संख्या, यातायात सुविधा और विकास की संभावनाओं से जुड़े तथ्यात्मक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि सरकार तक गोटन का मजबूत पक्ष पहुंचे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो आगे की रणनीति जनभावनाओं के अनुरूप तय की जाएगी। ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में सरपंच संघ अध्यक्ष रामस्वरूप कसवां, गोटन प्रशासक भंवरलाल जमेरिया, पूर्व सरपंच नारायण सिंह, ऋषभ राठी, देवीसिंह सिसोदिया, रामेश्वरलाल जांगिड़, अलानुर खान, हरदेव जोशी, नेमीचंद शर्मा, रविन्द्र खोखर, हनुमान खोखर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने एकजुटता बनाए रखने और संवैधानिक दायरे में रहकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


