गोरखपुर में रील देखकर बना फर्जी IPS:2 शादियां की, साली के बेटे का अपहरण कर भागा था नेपाल, कर चुका है कई कारनामे

गोरखपुर के पीपीगंज में फर्जी आईपीएस बन व्यापारी से रंगदारी मांगने वाला शनि शर्मा पहले भी कई बड़े-बड़े कारनामे कर चुका है। ठगी और अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देकर वह जेल भी जा चुका है। उसने शादी के बाद गर्लफ्रेंड बनाई थी। पोल खुलने पर पत्नी नाराज हो गई, तब वह साली के 3 साल के बेटे का अपहरण कर नेपाल भाग गया था। वह गोरखपुर यूनिवर्सिटी में फोर्थ क्लास कर्मचारी है, लेकिन खुद को सीनियर क्लर्क ही बताता था। हाई-फाई जिंदगी जीने का ख्वाब देखता है। इस बार की घटना के बाद शनि के घर पर ताला बंद कर घरवाले कहीं बाहर निकल गए हैं। रील देखकर उसे ख्याल आया कि आईपीएस बनकर व्यापारियों पर दबाव बनाया जाए। इससे मोटी रकम हाथ लगेगी। कई जगह वह अपने मकसद में कामयाब भी हो गया। लेकिन कपड़ा व्यापारी से 2 लाख रुपये मांगकर वह फंस गया। इस बार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। ठगी का बदला तरीका फिर भी पकड़ा गया शनि शर्मा पर पहले भी कई बार ठगी के आरोप लग चुके हैं। कई मामलों में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इस बार बाहर आने के बाद उसने तरीके में बदलाव किया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि इंस्टाग्राम पर एक रील उसने देखी थी। इसके बाद उसके मन में आईपीएस बनकर ठगी और रंगदारी का ख्याल आया था। उसने बताया कि बड़े अधिकारियों का नाम आने पर कोई सवाल जवाब भी नहीं करता है। उसने पहले आईपीएस की वर्दी का इंतजाम किया। इसके बाद अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल में आईपीएस की वर्दी पहनी हुई फोटो लगाई। जिससे वह अपने आपको पुलिस अधिकारी के रूप में प्रस्तुत कर सके। अधिकतर लोग वर्दी में देखकर चुप्पी साध लेते थे।
शनि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में फोर्थ क्लास का कर्मचारी है। वह वर्तमान में निलंबित चल रहा है। बताया जा रहा है वह कर्मचारी भले फोर्थ क्लास का था लेकिन उसके शौक काफी हाईफाई हैं। अक्सर वह महंगे होटलों में ठहरता था। इसके साथ ही अलग-अलग जगहों पर घूमता-फिरता था। सूत्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में उसने कई लोगों को प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगी की थी। शनि के पकड़े जाने के बाद उसका परिवार घर छोड़कर भाग गया है। पीपीगंज में सोमवार को उसके मकान में ताला लटका रहा। साली के बेटे का किया था अपहरण दिसंबर 2024 में पीपीगंज नगर निवासी शनि शर्मा अपने ही वार्ड की एक युवती से प्यार करता था। इसकी जानकारी शनि शर्मा की पत्नी को हो गई। वह पति से नाराज होकर बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। शनि शर्मा इसको लेकर काफी आक्रोशित हुआ और अपनी पत्नी की बहन के तीन साल के बेटे अगस्य जायसवाल का अपहरण कर नेपाल लेकर चला गया। इधर, बच्चे के लापता होने पर घरवाले परेशान हो गए। इसकी सूचना बच्चे की मां राधा जयसवाल ने पीपीगंज पुलिस को दी थी। पीपीगंज पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी शनि शर्मा के बारे में जानकारी हुई और उसकी लोकेशन पताकर पीछा करते हुए पीपीगंज पुलिस नेपाल बॉर्डर तक पहुंच गई थी। पुलिस ने शनि शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद बच्चे को बरामद किया था। बच्चे की मां राधा जायसवाल की तहरीर पर पीपीगंज पुलिस ने आरोपी शनि शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया।
रची थी अपहरण की साजिश
अगस्त 2025 में शनि घर से भाग गया था। इसके बाद उसकी पत्नी ने कैंट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि उसने कई लोगों से कर्ज लिया था। लोग उसपर रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसी वजह से वह घर से भाग गया था और पत्नी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद वह वापस आ गया था। इस संबंध में एसपी नाथ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि व्यापारी से रंगदारी मामले वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके पहले भी उसने कई लोगों से ठगी की है। उससे जुड़े पुराने मामलों की जांच की जा रही है। जानिए किस तरह पकड़ा गया फर्जी आईपीएस 2 दिन में 2 लाख नहीं दिए तो हत्या का केस दर्ज कर एनकाउंटर कर दूंगा। ये कहकर कपड़ा कारोबारी से रंगदारी मांगने वाले फर्जी IPS को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है। वर्तमान में वह निलंबित चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से वर्दी बरामद की है। वह सोशल मीडिया पर वर्दी वाली फोटो डालकर भौकाल बनाता था। इसके सहारे ही वह धमकाकर कई लोगों से पैसे ले चुका है। शनिवार को कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। पढ़िए कैसे पकड़ा गया फर्जी IPS… IPS की धमकी के बाद खुद जांच की
नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं। संदीप ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले शाम के समय एक व्यक्ति आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर मेरे घर आया। उसने कहा कि मैं यहां का IPS अधिकारी हूं। मुझे दो लाख रुपए चाहिए। अगर मुझे 2 दिन में रुपए नहीं मिले तो हत्या के मुकदमे में फर्जी तरीके से फंसा कर जेल भिजवा दूंगा। फिर फर्जी एनकाउंटर कर दूंगा। इसके बाद वह चला गया। जिस समय खुद को IPS बताने वाला युवक मेरे आया था, उस समय मेरे घर पर गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले विनोद सिंह मौजूद थे। उन्होंने मुझसे कहा कि आज से पहले इसे तो कभी क्षेत्र में नहीं देखा। फिर हम लोगों ने उसकी जांच की। फर्जी IPS कई व्यापारियों से मांग चुका था पैसा
जानकारी की तो पता चला कि वह IPS अधिकारी नहीं है। बल्कि थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 अंबेडकर नगर का रहने वाला शनि शर्मा है। जो पुलिस विभाग में अधिकारी नहीं है। संदीप सिंह ने कहा कि इसके बाद मैं शनिवार को पीपीगंज थाने पहुंचा। आरोपी शनि के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की जांच शुरू की। पुलिस ने शनिवार को शनि को अरेस्ट किसर। उससे पूछताछ में सामने आया कि उसने इलाके के रहने वाले हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रंगदारी मांगी थी। यूनिवर्सिटी का कर्मचारी है शनि, दो शादियां कीं
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी शनि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है। किसी मामले में वह निलंबित चल रहा है। शनि के पिता स्व. रामकृष्ण शर्मा यूनिवर्सिटी में कर्मचारी थे। वर्ष 2015 में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पिता की जगह पर शनि शर्मा को यूनिवर्सिटी में क्लर्क की नौकरी मिली थी। शनि ने 2 शादियां की हैं। एक पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। पत्नी को उसने तलाक देकर दूसरी शादी की है। उधार रुपए लेकर हो गया था लापता
अगस्त 2025 में शनि के लापता होने का मुकदमा कैंट थाने में उसके भाई ने दर्ज कराया था। भाई का कहना था कि शनि घर से ड्यूटी पर यूनिवर्सिटी गया था। इसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद हो गया। तब वह दो दिन घर नहीं लौटा था। तब पुलिस जांच में पता चला था कि उसने कई लोगों से उधार रुपए ले रखे थे। उनके डर से वह कहीं जाकर छिप गया था।

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