सेतिया कॉलोनी: 101 मातृशक्ति ने निकाली कलश यात्रा : फतेह सिंह-जोरावर सिंह संयुक्त बस्ती (सेतिया कॉलोनी) में हिंदू सम्मेलन का भव्य आगाज 101 मातृशक्ति द्वारा निकाली गई कलश यात्रा से हुआ। दुर्गा मंदिर से शुरू होकर जैन भवन तक पहुंची इस यात्रा का मार्ग में पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। मुख्य वक्ता मुकेश शाक्य ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके राष्ट्रप्रेम से होना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण और पौधरोपण हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। स्वामी अनंतानंद ने समाज को धर्मनिष्ठ बनने का आह्वान किया, जबकि छगन बलाना ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के लिए रविवार का दिन सेवा, संस्कार और संगठन के त्रिवेणी संगम का साक्षी बना। शहर के विभिन्न क्षेत्रों और ग्रामीण खंडों में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलनों में सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के स्वर गूंजे। इनमें न केवल हिंदू समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए ‘पंच परिवर्तन” का संकल्प भी दिलाया गया। गो सेवा से लेकर भव्य कलश यात्राओं और संतों के आशीर्वचनों से पूरा जिला भगवामय और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सभी आयोजनों में कार्यक्रमों का समापन ‘भारत माता की जय” के गगनभेदी जयघोष, कल्याण मंत्र और वंदे मातरम के गान के साथ हुआ। आयोजकों ने सामूहिक संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के जरिए सांस्कृतिक चेतना की इस मशाल को प्रज्वलित रखा जाएगा। कार्यक्रमों में पूर्व सांसद निहाल चंद मेघवाल, महेश पेडीवाल, गिरजेशकांत शर्मा, नरेश अग्रवाल, सतीश तलूजा, सुभाष गोयल, सतीश सुखीजा, कपिल चाहर, दयानंद शर्मा और एडवोकेट गौरी शंकर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। अग्रसेन नगर: शौर्य और संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन किया : आचार्य पाणिनि बस्ती की ओर से अग्रसेन नगर के होलकर वाटिका में आयोजित सम्मेलन में शौर्य और कला का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। कलश यात्रा में घोड़ों पर सवार रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती के स्वरूप में बच्चियों ने सभी का ध्यान आकर्षित कि या। छोटे बच्चों ने स्केटिंग और घुमंतू छात्रावास के बालकों ने ‘नियुद्ध” (मार्शल आर्ट) व ‘शिव तांडव” की प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विहिप के संगठन मंत्री राजेश पटेल ने हिंदू संस्कृति और कुटुंब प्रबंधन पर विचार रखे। वहीं, मधु गुप्ता ने महिलाओं की सशक्तीकरण में भूमिका को रेखांकित किया। एक स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत ‘राम-शबरी संवाद” की झांकी ने भक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। स्वामी अधीरानंद ने उपस्थित जनसमूह को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। शिवाजी बस्ती: राष्ट्र रक्षा का संकल्प, समाज की एकता पर बल दिया : शिवाजी बस्ती के आनंद विहार पार्क में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया गया। प्रो. कैलाश भसीन ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में समाज की एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 1857 की पराजय और 800 वर्षों की गुलामी का मुख्य कारण हमारी आपसी फूट थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज 85 देशों में काम कर रहा है और इसका लक्ष्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण है। राष्ट्रीय सेविका समिति की जिला प्रमुख सीमा बिश्नोई ने ‘कुटुंब प्रबोधन” का व्यावहारिक सूत्र देते हुए कहा कि परिवार को साथ बैठकर भोजन करना चाहिए और उस समय मोबाइल फोन का प्रयोग वर्जित होना चाहिए। संत निजानंद ने सनातन धर्म को जीवन जीने का मार्ग बताते हुए युवाओं को दिग्भ्रमित होने से बचने का आह्वान किया। रोहिड़ांवाली :सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया : फतूही खंड के रोहिड़ांवाली गांव स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया गया। कार्यक्रम का आरंभ बलवीर घूघरिया को श्रद्धांजलि देकर हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख तरुण दाधीच ने संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के उपलक्ष्य में ‘पंच परिवर्तन” का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार और ‘स्व” के भाव को विकसित भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने युवाओं को मोबाइल फोन की पराधीनता छोड़ उसका समझदारी से उपयोग करने की सलाह दी। स्वामी सुखानंद ने धर्मांतरण और नशे के विरुद्ध समाज को शक्तिशाली बनने की प्रेरणा दी। भजन मंडली और पाठी जोहान सिंह की वाणी ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।


