भास्कर न्यूज | सरायकेला खरसावां गोलीकांड के प्रत्यक्षदर्शी रहे शहीद मांगु सोय को उनके पैतृक गांव हेंसा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समिति के बैनर तले एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आंदोलनकारियों ने एक-एक कर शहीद मांगु सोय तथा उनकी धर्मपत्नी को पुष्प अर्पित कर नमन किया और उनके संघर्ष व बलिदान को स्मरण किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समिति के अध्यक्ष एवं शहीद मांगु सोय के पुत्र शंकर सोय ने किया। उन्होंने संदेश में कहा कि खरसावां गोलीकांड केवल एक घटना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकार, अस्तित्व और स्वाभिमान से जुड़ा इतिहास है। उन्होंने कहा कि आज भी शहीदों को वह सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसके वे हकदार हैं। सरकार को चाहिए कि खरसावां गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में स्थायी प्रतिमा (स्टैचू) का निर्माण कराए तथा शहीदों की पूरी गाथा को शहीद स्थल पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास और बलिदान से परिचित हो सके। कार्यक्रम में समिति के सचिव अतुल सरदार, शीरामणि जामुदा, संजय पूर्ति, जगन्नाथ सरदार सहित कई वरिष्ठ लोग उपस्थित थे। सभी ने शहीद मांगु सोय के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से खरसावां गोलीकांड की विभीषिका को देखा और जीवन भर उस दर्द को अपने भीतर समेटे रखा। उनका जीवन आदिवासी समाज के संघर्ष का जीवंत उदाहरण है। कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम नाया गणेश सरदार द्वारा पारंपरिक पूजा-अर्चना तथा ‘दुलसुनम’ अनुष्ठान के साथ की गई, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा और सम्मान का भाव व्याप्त हो गया। अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में शहीदों के सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और आदिवासी इतिहास को संरक्षित करने के संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें बालक एवं बालिका ग्रुप के लिए अलग-अलग प्रतिस्पर्धा मेढक दौड़, 100 मीटर दौड़, चप्पल रेस तथा इन-आउट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के छोटे-छोटे बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


