जालोर में ग्रामीणों ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए घूम रहे विकास रथ को रोक दिया। रथ पर लगाए गए एलईडी टीवी को बंद करवा दिया। कहा- सरकार ने 2 साल में कोई काम नहीं किया। ऐसे रोते घूमने से बीजेपी की आहोर विधानसभा की सीट नहीं आएगी। पूरा वाकया आहोर विधानसभा के सांकरणा गांव में आज (सोमवार) सुबह करीब 11 बजे हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें सरकार के कामकाज को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा है। दरअसल, राजस्थान में भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर शनिवार 13 दिसंबर को जालोर में प्रभारी मंत्री के.के विश्नोई, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाकर 5 विकास रथ रवाना किए थे। यह जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रों में घूम कर सरकार की 2 साल की उपलब्धियां को दिखा रहे हैं। सांकरणा गांव में ग्रामीण बोले- भाजपा की स्थिति एकदम खराब
विकास रथ घूमते हुए आज सोमवार सुबह आहोर विधानसभा के सांकरणा गांव पहुंचा। जहां ग्रामीणों ने रथ को रुकवा कर विकास रथ पर लगी एलईडी टीवी को बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने कहा- राजस्थान में बीजेपी फिलहाल कोई काम नहीं कर रही हैं। अब बीजेपी की स्थिति एकदम खराब है। 10 प्रतिशत लोग भी बीजेपी के साथ नहीं है। ऐसे रोते घूमने से बीजेपी की आहोर विधानसभा की सीट नहीं आएगी।
भले भजनलाल आए या आहोर विधायक आए। फिल्ड में काम दिखेगा, तो लोग वोट देंगे, वर्ना कोई वोट नहीं देगा। सरकार ने 2 साल में सांकरणा गांव में 1 रुपए का भी विकास नहीं कराया है। ग्रामीण खेतसिंह ने बताया- सांकरणा गांव में पिछले 2 साल से कोई विकास नहीं हुआ है। जब आज रथ सांकरणा गांव में पहुंचा, तो ग्रामीणों ने उसका विरोध किया और करीब 2 घंटे तक चली चर्चा के बाद विकास रथ को वहां से भेज दिया। गांव में नहीं घूमने नहीं दिया। बोले- सरकार आमजन का पैसा फिजूल खर्च कर रही
ग्रामीणों ने कहा कि जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग को मंत्री बनाया, लेकिन वे अपने क्षेत्र में कोई काम नहीं कर रहे। आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित भी कोई काम नहीं कर रहे। स्कूल में टीचर नहीं होने की शिकायत की थी, उसका भी अभी तक समाधान नहीं किया गया। सांकरणा से जलदाय विभाग में कोई स्टाफ नहीं, अब कोई भी काम होगा, तो लोग जुड़ेंगे, नहीं तो नहीं जुड़ेंगे। ग्रामीणों ने कहा- सभी लोग आज बीजेपी के खिलाफ हो रखे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि विकास रथ घुमाने से लोगों को क्या फायदा होगा। सरकार आमजन का पैसा फिजूल में खर्च कर रही हैं। काम होगा, तो अपने आप ही दिख जाएगा। यहां तो गांवों में पानी छोड़ने के लिए और बिजली की समस्या के लिए भी स्टाफ नहीं है। सांकरणा में सर्दी के सीजन में भी 10-15 दिन में पानी की सप्लाई हो रही हैं। ग्रामीणों ने कहा- विकास रथ में शिकायत पेटिका लगी हुई है, उसमें शिकायत लिखकर डाल दो। लेकिन तब ही दूसरे ग्रामीण ने कहा कि विकास रथ वाले शिकायत पेटिका को बाहर ले जाकर कहीं फेंक देंगे। हालांकि मौके पर ग्रामीणों की भीड़ की जुट गई। आहोर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और समझाइश की। हालांकि घटना स्थल पर किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। पंचायत समिति पुनर्गठन को लेकर भीनमाल में विरोध
जिले के मोदरान, सेरना और धानसा गांवों को भीनमाल पंचायत समिति से अलग कर जसवंतपुरा पंचायत समिति में जोड़ने के प्रस्ताव का भी ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन गांवों को भीनमाल से अलग करने का निर्णय जनभावनाओं के विपरीत है और इससे क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं बढ़ेंगी। वे स्पष्ट रूप से मांग कर रहे हैं कि तीनों गांवों को वापस भीनमाल पंचायत समिति में ही जोड़ा जाए, ताकि विकास कार्यों, आवाजाही और प्रशासनिक सुविधाओं में कोई बाधा न आए। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए भीनमाल के डीएसपी शंकरलाल मंसूरिया सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मोदरान क्षेत्र में गश्त की, जिससे कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़े। ये खबर भी पढ़े…
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