राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में काश्तकारों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन से ‘ग्रामीण समस्या समाधान शिविर-2025’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत राखी में आयोजित शिविर कई परिवारों के लिए राहत लेकर आया, जहां बरसों पुराने भूमि विवादों का त्वरित समाधान किया गया। जमीन की समस्या लेकर आए लोगों का समाधान हुआ ग्राम राखी निवासी अजयपाल सिंह पुत्र उम्मेद सिंह और उनके सह-खातेदार कर्ण सिंह, जब्बर सिंह, नाबालिग जसवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, भंवर सिंह और सुरेंद्र सिंह लंबे समय से अपने संयुक्त खाते की जमीन को लेकर परेशान थे। खसरा संख्या 6, जिसका कुल रकबा 7.7376 हेक्टेयर है, राजस्व रिकॉर्ड में संयुक्त खाते के रूप में दर्ज था। आपसी सहमति के बावजूद औपचारिक विभाजन न होने के कारण इन काश्तकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और कृषि ऋण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। यह समस्या कई वर्षों से लंबित थी। राखी में आयोजित शिविर के दौरान सभी खातेदारों ने शिविर प्रभारी के समक्ष आपसी सहमति से विभाजन का आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर प्रभारी ने आवेदन पर तत्काल संज्ञान लिया। राजस्व अधिकारियों द्वारा हाथोंहाथ विभाजन प्रस्ताव तैयार कर उसे स्वीकृत किया गया। उसी समय राजस्व रिकॉर्ड में ‘अमल दरामद’ (प्रविष्टि) की गई। सभी खातेदारों को उनके नवीन विभाजित खातों की जमाबंदी एवं नक्शा की प्रतिलिपियां मौके पर ही सौंप दी गईं, जिससे उनका बरसों पुराना इंतजार खत्म हो गया। खातेदारों ने समाधान के बाद खुशी व्यक्त की अजयपाल सिंह और अन्य खातेदारों ने इस त्वरित समाधान पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब उन्हें सरकार के किसी अभियान का इतना सीधा और त्वरित लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि जो काम वर्षों से लंबित था वह इस शिविर के माध्यम से महज कुछ घंटों में पूरा हो गया। उन्होंने राजस्थान सरकार, शिविर प्रभारी और राजस्व टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।


