दाढ़ी। ग्राम कन्हेरा में बसंत पंचमी पर माता सरस्वती के प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद सभी को प्रसाद एवं मिठाई वितरित किया गया। वरिष्ठ शिक्षक दीपेश साहू ने बच्चों को बसंत पंचमी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि बसंत पंचमी के दिन ही माता सरस्वती का जन्म हुआ था। मां सरस्वती कमल के फूल पर बैठी हुई। चार हाथों में से एक हाथ में वीणा, दूसरे में वेद, तीसरे में माला, चौथा वर मुद्रा में है। मां सरस्वती को पीला रंग अति प्रिय हैं। इसलिए मां सरस्वती की पूजा करते समय पीला वस्त्र धारण करना चाहिए। पीला चावल, पीला फूल अर्पित किया जाता हैं। माता सरस्वती को विद्या, संगीत और कला की देवी माना जाता है। उन्होंने बताया कि बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता हैं। यह दिन शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना गया है। इस अवसर पर इंद्राणी वर्मा (प्रभारी), प्रवीण सेन, जलेश्वर वर्मा, सुमेंद्र वर्मा, रवि वर्मा, दीपेश साहू, जितेन्द्र पाटिल, संजय वर्मा, लखन सेन सहित अन्य शामिल रहे।


