राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों के पुनर्गठन का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद से ही बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर अब कांग्रेस भी विरोध में उतर आई है। बुधवार को जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ के नेतृत्व में सांसद मुरारीलाल मीणा, विधायक दीनदयाल बैरवा और पूर्व विधायक जीआर खटाना समेत पार्टी पदाधिकारियों ने कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ ने कलेक्टर को बताया कि पंचायत पुनर्गठन के नोटिफिकेशन में कई गांवों को दूर की पंचायतों में जोड़ने का लोग विरोध कर रहे हैं, साथ ही पंचायत समितियों का पुनर्गठन भी गलत तरीके से किया गया है। यदि जल्द इन्हें संशोधित नहीं किया गया तो जिले में आंदोलन की स्थिति बन सकती है। सांसद बोले- भौगोलिक स्थिति देखे बिना बदलाव किया सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा- राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत और पंचायत समितयों का पुनर्गठन किया गया है। वह बिना सोचे-समझे और भौगोलिक स्थिति को देखे बिना कर दिया गया। पंचायत पुनर्गठन में जिन गांवों की सीमाएं आपस में नहीं मिलती उन्हें भी जोड़ दिया गया है। साथ ही पंचायत समितियों के पुनर्गठन में भी नांगल राजावतान और बैजूपाडा में 30-35 किलोमीटर दूर की ग्राम पंचायतों को जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय के पास स्थित सूरजपुरा ग्राम पंचायत को 20 किलोमीटर दूर नांगल पंचायत समिति में जोड़ दिया, जबकि बांदीकुई के पास की कई ग्राम पंचायतों को बैजूपाडा में जोड़ दिया। इन दोनों पंचायत समितियों में राजनीतिक द्वेषता के कारण 30-40 गांवों को इधर-उधर कर दिया गया। सांसद ने कहा कि जब से पुनर्गठन का नोटिफिकेशन जारी हुआ है लोग बहुत परेशान हैं और आए दिन कलेक्ट्रेट, विधायकों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में कलेक्टर को ज्ञापन देकर जानभावनाओं के अनुसार ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन का आग्रह किया है। इस दौरान प्रधान प्रहलाद मीणा, शहर अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज गुर्जर, जिला सह मीडिया प्रभारी चंचल कसाना, रामवतार मावई, उमाशंकर बनियाना समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


