ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील में सहरिया आदिवासी परिवारों की झोपड़ियां जलाने का मामला सामने आया है। पीड़ित आदिवासी न्याय की गुहार लेकर बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि वे भितरवार के बीजकपुर गांव में सरकारी जमीन पर लंबे समय से रह रहे हैं। गांव के कुछ दबंग लोग उन्हें इस जमीन से बेदखल करना चाहते हैं। पहले उन्हें डराया-धमकाया गया, और फिर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। आदिवासी परिवारों ने बड़ी मुश्किल से आग की लपटों से अपने बच्चों और खुद को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने भितरवार थाना पुलिस को घटना की सूचना दी, लेकिन उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने दबंगों का ही साथ दिया और उनकी सुनवाई नहीं की। न्याय नहीं मिलने पर एसपी कार्यालय पहुंचे
स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़ित परिवार ग्वालियर एसपी कार्यालय पहुंचे हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित आदिवासी महिला विमला ने बताया कि दबंगों ने जमीन खाली नहीं करने पर उनकी झोपड़ी जला दी है। हथियार लेकर धमकाते हैं लोग
पीड़ित आदिवासी रामजीलाल ने बताया कि हम सरकारी जमीन पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं। उन्हीं झोपड़ियों की जगह को दबंग लोग खाली करने के लिए उन पर दवाब बना रहे हैं। थाना प्रभारी को कार्रवाई के दिए निर्देश
ग्वालियर के सीएसपी चंद्रभान सिंह चढ़ार ने बताया कि शिकायत पर संबंधित थाना प्रभारी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


