जैसलमेर में घास में रखे विस्फोटक को चबाने से गाय का जबड़ा बिखर गया। तड़पती घायल गाय को लोगों ने गोशाला पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने इलाज किया। मुंह बुरी तरह क्षत-विक्षत होने से हालत गंभीर बनी हुई है। घटना रामगढ़ कस्बे में शुक्रवार को हुई। खाने की तलाश में पहुंची, मुंह में हुआ तेज धमाका जानकारी के अनुसार, आईजीएनपी कॉलोनी क्षेत्र में घनी झाड़ियों के बीच अज्ञात शिकारियों ने जंगली जानवरों को मारने के लिए विस्फोटक (सुअर मार बम) छिपाकर रखे थे। शुक्रवार को चारा तलाशते हुए एक गाय वहां पहुंची और घास के बीच छिपे विस्फोटक को खाने की वस्तु समझकर मुंह में ले लिया। जैसे ही गाय ने उसे चबाया, तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। हादसे में गाय का निचला जबड़ा पूरी तरह उड़ गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। धमाके से दहशत, मौके पर जुटे लोग विस्फोट की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और मौके की ओर दौड़े। झाड़ियों के पास पहुंचने पर गाय को गंभीर हालत में तड़पता देख तत्काल गोसेवकों को सूचना दी गई। गोसेवकों ने किया रेस्क्यू, हालत बेहद नाजुक सूचना मिलते ही गोरक्षा दल के सदस्य हाकमदान, रविन्द्र सिंह और जोगेन्द्र चारण मौके पर पहुंचे। ग्रामीण कुन्दनलाल और अजयपाल सिंह के सहयोग से घायल गाय को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे तुरंत तुलसी गोशाला ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, जबड़ा पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण गाय की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। 10 साल में 100 से ज्यादा गोवंश की मौत, शिकारी अब भी फरार ग्रामीणों ने बताया कि बीते एक दशक में ऐसे विस्फोटकों की चपेट में आकर 100 से अधिक गोवंश की मौत हो चुकी है। इस संबंध में कई बार पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक एक भी शिकारी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया। घटना के बाद ग्रामीणों और गोसेवकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


