चंडीगढ़ शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और ज्यादा साफ-सुथरी और नई तकनीक वाली बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सीटीयू (चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग) की ओर से जल्द ही 100 नई इलेक्ट्रिक बसें ट्राइसिटी की सड़कों पर दौड़ेंगी। ये बसें डिपो नंबर-4 में चल रही पुरानी 100 डीजल बसों की जगह लेंगी। परिवहन विभाग ने इन बसों की खरीद के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) से अनुमति मांगी है। विभाग के पास केंद्र से सकारात्मक जवाब भी आ चुका है और अब मंत्रालय ने आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) की कॉपी भेजने को कहा है, जिसे विभाग सोमवार को भेजने की तैयारी कर चुका है। 550 करोड़ का टेंडर, प्रति किमी ₹24 की सब्सिडी 100 ई-बसों की खरीद के लिए विभाग ने करीब 550 करोड़ रुपए का टेंडर तैयार किया है। ये बसें 12 मीटर की अल्ट्रा लो फ्लोर एसी बसें होंगी। सीटीयू ने इनके संचालन के लिए पीएमआई कंपनी के साथ समझौता किया है। इन बसों का संचालन किलोमीटर के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए सीटीयू कंपनी को 61.80 रुपए प्रति किमी का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से प्रति किमी ₹24 की सब्सिडी दी जाएगी। हर बस में कंपनी का ड्राइवर और सीटीयू का कंडक्टर तैनात होगा। शहर में अभी चल रही 80 ई-बसें वर्तमान में शहर में कुल 80 ई-बसें दौड़ रही हैं। इनमें से 40 बसें अशोक लेलैंड द्वारा चलाई जा रही हैं, जिनका 10 साल के लिए 154.01 करोड़ रुपए का समझौता हुआ है। शेष 40 बसें वॉल्वो-आयशर के साथ फरवरी 2022 में हुए 115.44 करोड़ रुपए के करार के तहत चलाई जा रही हैं। वॉल्वो-आयशर को सीटीयू 44.99 रुपए प्रति किमी की दर से भुगतान कर रहा है। नई ई-बसें सिर्फ एसी होंगी नई इलेक्ट्रिक बसें सिर्फ एसी होंगी और इंटर स्टेट और ट्राइसिटी रूट्स पर चलाई जाएंगी। इससे शहरवासियों को बेहतर, आरामदायक और प्रदूषणमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। डीजल बसों की तुलना में ये बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी सस्ती हैं।


