चलना संभलकर… सदर अस्पताल की नई बिल्डिंग के पहले-दूसरे तल्ले की फर्श टूटी, चोटिल हो रहे हैं लोग

सदर अस्पताल रांची पूरे राज्य के लिए मॉडल है। क्योंकि, यह शहर का इकलौता सरकारी अस्पताल है, जहां रिम्स जैसी सुविधाओं के बीच मरीजों का उपचार होता है। लेकिन सदर अस्पताल की नई बिल्डिंग के रख-रखाव में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जा रही है। कहीं बिल्डिंग की फर्श टूट रही है तो दीवारों में दरारें आ रही हैं। दीवार की दरार से मरीज या उनके परिजनों का सरोकार नहीं है, लेकिन टूटी फर्श मरीज और उनके परिजनों को जख्म दे रही है। नई बिल्डिंग के पहले और दूसरे तल्ले पर जगह-जगह टाइल्स और ग्रेनाइट उखड़ गए हैं। इसके कारण बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं। गर्भवती महिलाएं भी चोटिल हो रही हैं। रोजाना दो-चार लोगों को चोट लग रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की आेर से इसे सुधारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। 25 दिन से टूटा हुआ है ग्रेनाइट टाइल, रख रखाव के अभाव में कई जगह से उखड़ रहे सदर अस्पताल में दूसरे तल्ले के कॉरिडोर में 25 दिन पहले फर्श का ग्रेनाइट टूटकर गिर गया है। इस वजह से वहां करीब तीन फीट लंबा गैप आ गया। ग्रेनाइट स्लैब गिरने से पहले तल्ले की फॉल्स सीलिंग भी टूट गई। स्लैब गिरने से तीन लोगों को चोट भी लगी। इसके बावजूद अब तक इस गैप को नहीं भरा गया। ऐसे में गैप में छोटे बच्चों का पैर फंस जा रहा है। कई बच्चे गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। टाइल्स ऐसे उखड़ा हुआ है{सदर अस्पताल के पहले तल्ले पर स्थित प्रसव कक्ष, मैटरनिटी आेटी, चाइल्ड वार्ड, एसएनसीयू स्थित है। रोजाना काफी संख्या में गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चों को लेकर लोग यहां आते हैं। लेकिन कॉरिडोर में फर्श पर लगा ग्रेनाइट टूटकर अलग हो गया है। ऐसे में गर्भवती महिला को प्रसव कक्ष तक व्हील चेयर या ट्रॉली पर ले जाने के दौरान टूटे स्थल से बचाते हुए किनारे से लेकर जाना पड़ता है। छोटे बच्चे और महिलाएं टूटी फर्श से टकरा कर गिर रहे हैं।

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