भास्कर न्यूज | जांजगीर बिरगहनी गांव में एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अपर लोक अभियोजक केदारनाथ कश्यप ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। यह घटना 28 नवंबर 2023 की शाम करीब 7 बजे हुई थी। पीड़ित शिवम श्रीवास घर लौट रहा था, तभी गांव के दीनानाथ साहू ने उसे गाली दी। शिवम के विरोध करने पर दीनानाथ ने मारपीट की। शिवम किसी तरह घर पहुंचा, लेकिन दीनानाथ उसके घर पहुंच गया और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही आरोपी शिवम को शीतल चौक तक खींच ले गया और चाकू से उसके सीने पर जानलेवा वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित की मां पद्मिनी चौहान की रिपोर्ट पर जांजगीर थाने में धारा 307 भादंवि के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चाकू और खून से सने कपड़े बरामद किए, जिन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह हमला न केवल जानलेवा था, बल्कि समाज में भय पैदा करने वाला भी था, इसलिए आरोपी को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। सभी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करते हुए पंचम अपर सत्र न्यायाधीश प्रियंका अग्रवाल ने दीनानाथ साहू (43 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।


