चाचा बोले-लिखकर दे रहा हूं मेरी भतीजी को फांसी हो:प्रेमी संग पति को मारने वाली अंजलि पुलिस को चकमा देती रही, कॉल-डिटेल से खुला राज

अंजू ने जो घिनौना काम किया है, उसके कारण मेरा पूरा परिवार शर्मिंदा है। मेरी भतीजी अंजू और उसके प्रेमी संजू और उसके दोस्त रॉकी और बादल को फांसी या उम्र कैद की सजा मिलनी चाहिए। यह कहना है श्रीगंगानगर निवासी रवि का। 30 जनवरी को रावला मंडी थाना क्षेत्र में गांव 01 केएलएम निवासी प्राइवेट टीचर आशीष (27) की उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। आशीष को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। अंजू का इलाज शुरू किया गया। अंजू ने बताया कि एक कार में आए लुटेरों ने उसके पति की हत्या कर दी। अंजू को देखकर पुलिस को शक हुआ। अंजू के शरीर पर एक खरोंच तक नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। इसी दौरान पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने शक को और गहरा दिया। जिसमें बताया गया था कि आशीष की मौत गला घोंटने से हुई थी। मां को 6 दिन बाद भी ये भरोसा नहीं है कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। वह बार-बार अपने बेटे को पुकारते हुए बेसुध हो जाती हैं। शादी, बहू का स्वागत और फिर बेटे का मर्डर ये सब याद कर पूरा घर सिहर जाता है। तीन महीने में एक पल के लिए भी बहू ने अपने इरादे जाहिर नहीं होने दिए। आशीष की हत्या के बाद से ही अंजू की मां, उसके चाचा रवि कुमार सहित अंजू के अन्य रिश्तेदार भी आशीष के घर पर ही हैं। रवि ने बताया कि अंजू के पिता मोची (जूते सिलने और जूते बनाने) का काम करते थे और उनकी मौत 12 साल पहले हो चुकी है। अंजू ने बीकॉम कर रखी है और अब एमकॉम की पढ़ाई घर पर ही रहकर कर रही थी। आशीष को उसके चाचा रामचंद्र ने 4 साल पहले गोद लिया था
चाचा रामचंद्र ने बताया- मैं एक सरकारी टीचर हूं और मेरी दो बेटियां हैं। बेटा नहीं होने के कारण करीब 4 साल पहले परिवार की आपसी सहमति से मैंने आशीष को गोद लिया था। आशीष को गोद लेने के बाद मैं और मेरी पत्नी काफी खुश थे। शादी के बाद अंजू परिवार के सभी सदस्यों का बड़ा ही ध्यान रखती थी और एक संस्कारी बहू की तरह अपने ससुराल में रह रही थी। अंजू के व्यवहार के कारण किसी को भी उनकी साजिश और उसके मन में आशीष के प्रति पल रही नफरत के बारे में पता भी नहीं चल पाया। 3 महीने तक संस्कारी बहू बनने का किया नाटक
आशीष के पिता रामरख ने बताया- मैं खेती करता हूं और मेरे चार बेटे हैं। आशीष सबसे छोटा बेटा था। आशीष और अंजू की शादी 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी। शादी के बाद से ही अंजू का व्यवहार सबके प्रति बहुत अच्छा था। हमारा संयुक्त परिवार है और परिवार में कुल 16 सदस्य हैं। किसी को ये अंदाजा तक नहीं लगा कि उसे मन में क्या चल रहा है। अंजू ने घर वालों को बताया कि कार में सवार होकर आए थे लोग
रामरख ने बताया-आशीष की हत्या के बाद अंजू ने अचेत होने का नाटक किया था। जब 31 जनवरी को अंजू को होश आया तो पुलिस के द्वारा अंजू से पूछताछ की गई। अंजू परिवार के किसी भी सदस्य के सवालों का जवाब नहीं दे रही थी। मगर जब पुलिस ने अंजू से पूछताछ की तो अंजू ने बताया कि जब वह 30 जनवरी को घूम रहे थे। उसी दौरान एक कार में चार-पांच युवक सवार होकर आए और लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए आशीष पर हमला कर दिया। बेटे को पुकार-पुकार कर मां बेसुध
मां को 6 दिन बाद भी ये भरोसा नहीं है कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। वह आंगन में पलंग पर बेसुध पड़ी हैं। बार-बार अपने बेटे को पुकार रही हैं। चचेरे भाई अंकित के साथ हर रोज घूमने जाता था आशीष
आशीष के चचेरे भाई अंकित ने बताया-आशीष ने जूलॉजी से एमएससी की हुई थी। साथ ही श्रीगंगानगर के कॉलेज से उसका बीएड में उसका फर्स्ट ईयर चल रहा था। हम शाम को खाना खाने के बाद रोज घूमने जाता थे। 30 जनवरी की शाम भी मैं अपनी पत्नी जमना, छोटे भाई अखिलेश, आशीष और उसकी पत्नी अंजू के साथ घूमने के लिए गया था। करीब एक घंटा घूमने के बाद हम लोग घर लौट गए थे। अंजू बातों में उलझाकर आशीष को ले गई
अंकित ने बताया- हम लोक हमेशा घर के आसपास ही घूमते थे। जब हम घर चले गए तो अंजू उसे बातों में उलझाकर घर से दूर ले गई। घटनास्थल से महज 50-60 मीटर की दूरी पर अंजू का आशिक संजू अपने दोस्त बादल और रॉकी के साथ झाड़ियां में छुपा हुआ था। जब अंजू, आशीष को थोड़ी दूर और चलने के लिए कहने लगी तो आशीष ने मना कर दिया। इस पर अंजू ने झाड़ियां में छुपे हुए अपने प्रेमी और उसके दोस्तों को इशारा कर दिया। इशारा मिलने के बाद संजू अपनी दोनों दोस्तों के साथ बाइक पर सवार होकर घटना स्थल तक पहुंचा और डंडे तथा अन्य हथियारों से आशीष के सिर पर हमला कर दिया। कुछ देर बाद इन सब ने मिलकर मफलर से आशीष का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। अंजू इतनी शातिर की उसने इस हत्या को लूट का मामला दिखाने के लिए आशीष का मोबाइल और अपने कानों के दोनों झुमके अपने प्रेमी को दे दिए और मौके से भगा दिया। अनूपगढ़ डीएसपी प्रशांत कौशिक ने बताया- आरोपी युवकों को 5 दिन के रिमांड पर लिया गया है। जबकि अंजू को 2 दिन की रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनका खुलासा जल्द किया जाएगा। ऐसे हुआ खुलासा पुलिस ने अंजलि की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि प्रेमी संजय से उसकी लगातार बात हो रही थी। दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में थे। इस पर पुलिस ने संजय को डिटेन किया। पुलिस पूछताछ में संजय टूट गया और कहा कि अंजू और उसने मिलकर आशीष की हत्या की है। पुलिस ने मंगलवार को आशीष की पत्नी अंजू, उसके प्रेमी संजय निवासी जगदंबा कॉलोनी (श्रीगंगानगर), रोहित उर्फ रॉकी (20) निवासी सादुलशहर और बादल उर्फ सिद्धार्थ (20) निवासी जगदंबा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। … यहां पढ़ें घटना से जुड़ी अन्य खबरें सड़क पर मिला टीचर का शव,पास में बेहोश-पड़ी थी पत्नी:3 महीने पहले हुई थी शादी; सिर पर गहरी चोट के निशान श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी थाना क्षेत्र में निजी स्कूल के टीचर और उसकी पत्नी घर से 200 मीटर दूर बेसुध हालत में सड़क पर पड़े मिले। पड़ोसी युवक ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने पति-पत्नी को हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने टीचर को मृत घोषित कर दिया। 3 महीने पहले ही टीचर की शादी हुई थी। (यहां पढ़ें पूरी खबर) 16 दिन पहले रची थी पति के मर्डर की प्लानिंग:परिजनों को अफेयर का पता था, पढ़ाई का बहाना कर बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी श्रीगंगानगर में प्रेमी से पति की हत्या करने वाली युवती करीब 7 साल से बॉयफ्रेंड के साथ रिलेशनशिप में थी। उसके अफेयर की जानकारी परिजनों को भी थी। तीन महीने पहले अर्जु उर्फ अंजली (23) की शादी आशीष कुमार (27) से हुई थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शादी के बाद अंजली ने बॉयफ्रेंड संजय उर्फ संजू (25) से मिलने के लिए श्रीगंगानगर में आगे की पढ़ाई का बहाना बनाकर आशीष को झांसे में लेने की कोशिश की थी। लेकिन, आशीष ने साफ मना कर दिया था। इस बात से अंजली नाराज थी। उसने यह बात संजय को भी बताई थी। (पढ़ें पूरी खबर)

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