दौसा जिले के सिकराय उपखंड क्षेत्र के गीजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चार डॉक्टर्स का एक साथ ट्रांसफर होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गई हैं। इससे परेशान मरीजों व ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर तालाबंदी की। फिर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और जल्द ही डॉक्टर नहीं लगाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में निकाली गई ट्रांसफर लिस्ट में डॉ. पंकज, डॉ. पीके धाकड़, डॉ. रामकृपाल और डॉ. सुवालाल का दूसरे अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल में एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। ऐसे में सिर्फ नर्सिंग स्टाफ के भरोसे अस्पताल चल रहा रहा है। यहां रविवार सुबह कई मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन वहां एक भी डॉक्टर नहीं मिलने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। इसके चलते लोगों ने विरोध जताकर आंदोलन करने की बात कही है। ओमप्रकाश घूमणा ने कहा- गीजगढ़ ग्राम पंचायत सिकराय क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत है। यहां के अस्पताल में तैनात चार डॉक्टरों का एक साथ ट्रांसफर कर दिया, जबकि उनके स्थान पर दूसरे डॉक्टर नहीं लगाए गए। इससे मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा। जबकि यहां आसपास के इलाके समेत करौली क्षेत्र के गांवों से लोग इलाज के लिए आते हैं। यदि डॉक्टर्स के ट्रांसफर आदेश निरस्त नहीं हुए तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं मामले को लेकर सिकराय के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भोलाराम गुर्जर का कहना है कि शनिवार को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में गीजगढ़ सीएचसी के डॉक्टर्स का ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है, जिन्हें अभी रिलीव नहीं किया गया है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सीएमएचओ स्तर पर निर्णय होगा।


