भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री गुरु अंगद देव जी निवास स्थान की तरफ से एसजीपीसी और श्री दरबार साहिब प्रबंधन के सहयोग से दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की शहादत को समर्पित 8वां लासानी शहीदी मार्च सोमवार को निकाला गया। इसमें करीब 1,000 स्कूली बच्चे शामिल होकर साहिबजादों की लासानी शहादत को श्रद्धांजलि दी। शहीदी मार्च की शुरुआत की अरदास श्री अकाल तख्त साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह जी ने की। पंज प्यारों के रूप में सजे बच्चों की अगुवाई में निकाला गया शहीदी मार्च भंडारी पुल से शुरू हुआ इसके बाद हाल गेट, हाल बाजार, टाउन हाल, हेरिटेज स्ट्रीट से होता हुआ गुरुद्वारा बुर्ज अकाली फूला सिंह जी में जाकर समाप्त हुआ। रास्ते भर शहीदी मार्च का विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधियों ने स्वागत कर शहीदों की शहादत को नमन किया गया और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया। आयोजक संस्था के सचिव हरमीत सिंह सलूजा ने बताया कि हर साल की तरह शहीदी हफ्ते के दौरान संस्था यह पहल एसजीपीसी, श्री दरबार साहिब के मैनेजर और शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल के सहयोग से करती आ रही है। इसका मकसद युवा पीढ़ी को साहिबजादों की कुर्बानी से जागरूक करना और आने वाली पीढ़ी को पतितपुने से दूर रख कर गुरु साहिब द्वारा बख्शे गए सिखी स्वरूप में लाना है। सलूजा ने कहा कि शहीदी मार्च का जिस तरह हर धर्म के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया, वह भाईचारे की मिसाल है। श्री दरबार साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि श्री गुरु अंगद देव जी निवास द्वारा किया जा रहा यह समागम सराहनीय है और हम सभी को गुरसिखी रूप धारण कर साहबजादों का उत्तराधिकारी बनना चाहिए। शहीदी मार्च के समापन के बाद भाग लेने वाले बच्चों को साहिबजादों से संबंधित साहित्य वितरित किए गए और शहादत बारे में गुरमत विचार बच्चों के साथ सांझे किए गए। इस मौके पर उक्त के अलावा मैनेजर सराय गुरप्रीत सिंह, मैनेजर अजय सिंह, सतनाम सिंह सलूजा, बीबी परमजीत कौर पिंकी, जत्थेदार सुखवंत सिंह बिट्टू, उस्ताद हरि सिंह, उस्ताद कमलप्रीत सिंह, रुपिंदर सिंह किंग, एडवोकेट अमित पाल सिंह खालसा आदि के अलावा अन्य लोग भी इस अवसर पर मौजूद थे।


