सिटी एंकर चास नगर निगम बहुत जल्द 10 एकड़ जमीन पर कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण कराएगा। इस प्लांट में कचरा और मिट्टी को अलग किया जाएगा। इससे कचरा, धातु और प्लास्टिक अलग हो जाएगा। साथ ही इसी प्लांट में खाद बनाने की भी योजना है। इस प्लांट में प्रतिदिन 250 टन कचरे का निस्तारण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कचरा निस्तारण प्लांट के निर्माण के लिए सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है। चास नगर निगम क्षेत्र से हर रोज 50 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसे फिलहाल निगम कार्यालय से कुछ ही दूर पर गिराया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन शहर को स्वच्छ रखने के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। इस बार स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ने के बाद चास नगर निगम ने सफाई व्यवस्था सुधारने की तैयारी शुरू कर दी है। आधुनिक कचरा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए निगम ने अलकुशा में जमीन की खरीदारी कर ली है। यहां कचरा ट्रीटमेंट प्लांट, कंपोस्ट मशीन, ट्रांसफर स्टेशन और मटेरियल रिकवरी सेंटर बनाया जाएगा। चास नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि जुडको को कचरा निस्तारण प्लांट लगाने का काम सौंपा जाएगा। प्लांट लगाने के साथ ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार चास को राज्य में 28वां स्थान मिला स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में चास नगर निगम की रैंकिंग गिरी है। इस बार निगम देश में 717वां और राज्य में 28वां स्थान हासिल किया है। जबकि पिछली बार राज्य में 10वां व देश में 250वां स्थान मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में चास को कचरा ट्रीटमेंट श्रेणी में शून्य अंक मिले हैं। कचरा उठाव और अलग-अलग संग्रहण में भी प्रदर्शन खराब रहा। डंपिंग की तय जगह नहीं होने से निगम के वाहन खाली स्थानों पर कचरा फेंक रहे हैं। इस बार बेहतर रैंकिंग लाएंगे : एएमसी चास के गोमदीडीह में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। यहां नालियों का पानी साफ किया जाएगा। इसके बाद पानी को गरगा अथवा दामोदर नदी में गिराया जाएगा। ताकि नदी का पानी शुद्ध रहे। इसके लिए नालियों में जाली भी लगाई जाएगी। निगम के कर्मियों के अनुसार चास नगर निगम क्षेत्र में रांची की तर्ज पर अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए बहुत जल्द डीपीआर बनाया जाएगा। डीपीआर में चेक पोस्ट से बाईपास रोड होते हुए धर्मशाला चौक तक अंडरग्राउंड ड्रेनेज बनाने की योजना है। सड़क के दोनों ओर पांच-पांच फीट चौड़ी नाली बनाने की योजना है। इस मेन नाली से सभी वार्डों की छोटी नालियों को जोड़ा जाएगा। मोहल्ले की गंदगी छोटी नालियों से मेन नाली में होते हुए शहर के बाहर गोमदीडीह में बनने वाले पौंड में गिरेगी। एनएच किनारे डंप किया गया कचरा। रांची की तर्ज पर अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम की तैयारी


