शहर की साइकिल इंडस्ट्री पिछले 50 वर्षों से सफलता के शिखर पर रही है। लेकिन, अब मंदी की ओर बढ़ती जा रही है। इंडस्ट्री के पुराने कारोबारी अब इसे लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उनकी नई पीढ़ी इस क्षेत्र में काम करने से मना कर रही है। पिछले चार साल में साइकिल इंडस्ट्री में काफी गिरावट आई है। पहले जहां रोजाना 1.5 लाख साइकिलें तैयार होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 70,000 रह गई है। साइकिल इंडस्ट्री के कारोबारियों का मानना है कि चाइना से आ रही सस्ती और खराब गुणवत्ता की साइकिलों के कारण उनकी बिक्री में भारी कमी आई है। सस्ते दामों पर बिकने वाली इन साइकिलों से स्थानीय निर्माता काफी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं पिछले साल इस इंडस्ट्री को 35 लाख माई भागो स्कीम के तहत ऑर्डर आए थे। मगर इस बार दस लाख साइकिल में गिरावट आ गई है। इस बार माई भागो स्कीम के तहत 25 लाख साइकिल बनाई गई हैं। शहर के साइकिल कारोबारियों ने बताया की चाइना और नई इंडस्ट्री में जुड़े कारोबारियों की वजह से इंडस्ट्री दिन प्रतिदिन डाउन जा रही है।


