चेक अनादरण पर 1 साल की सजा

चित्तौड़गढ़ | अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या प्रथम के पीठासीन अधिकारी इन्द्रसिंह मीणा ने चेक अनादरण के मामले में दिए निर्णय में एक व्यक्ति को एक वर्ष की सजा व दो लाख बीस हजार की प्रतिकर राशि परिवादी को अदा करने का निर्णय दिया। प्रकरण के अनुसार 22 जुलाई 2022 को भंवरलाल रेबारी ने परिवादी गोविन्दसिंह चढ्ढा की दुकान से दो लाख 20 हजार के डिस्पोजल मोटर पार्टस उधार प्राप्त कर एक चेक दिया, जो 11 अक्टूबर 2022 को अनादरित हो गया। परिवादी की ओर से भंवरलाल के विरूद्व सक्षम न्यायालय में एनआई एक्ट की धारा 138 में एडवोकेट नितेश शर्मा, विशाल कुमावत ने परिवाद पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने भवंरलाल पुत्र बद्रीलाल रेबारी निवासी रायको का मोहल्ला ग्राम बोलो का सांवता को दोषी मानते हुए निर्णय दिया।

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