भास्कर न्यूज|गढ़वा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जिले के कुल 15 प्रखंड के 58 पंचायत अंतर्गत 113 गांवों में अवेयरनेस एंड बेनिफिट्स सैचुरेशन कैंपस का आयोजन जाना है। सोमवार को उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में जिले के रमकंडा प्रखंड के चेटे पंचायत से इस अभियान की शुरुआत की गई। मौके पर उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान शुरुआत रमकंडा प्रखंड के चेटे पंचायत से हुई है। यह एक प्रखंड स्तरीय नहीं बल्कि जिला स्तरीय कार्यक्रम है। सोमवार से पूरे जिले के सभी अधिसूचित क्षेत्रों में इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह का आयोजन 30 जून 2025 तक जिले के विभिन्न प्रखंडों के पंचायतों में किया जाना है। भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में धरती आबा जन भागीदारी कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय समुदाय के कल्याणार्थ किया गया है। उन्होंने जनजाति समुदाय से अपील किया कि इस अभियान के तहत सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड, प्रमाण पत्रों, राशन कार्ड, पोषण अभियान, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मिशन इंद्रधनुष, मनरेगा आदि मुख्य लक्षित योजनाएं हैं, जिसका लाभ अवश्य उठाएं। इस दौरान उपायुक्त के समक्ष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी। ग्रामीणों ने बताया कि जनजातीय समुदायों के अधिकांश लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है। उन्हें सूची के आधार पर राशन वितरण किया जाता है। राशन कार्ड नहीं होने पर अनुलग्नक के रूप में आवश्यकता पड़ने पर कहीं भी उसकी प्रति उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। कुछ लोगों ने जमीनी विवाद की समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने रमकंडा प्रखंड के विभिन्न पंचायत व गांव में विद्युतीकरण नहीं होने, पेयजल की विकट समस्याएं होने की बात कही। उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। मौके पर जिप उपाध्यक्ष सत्य नारायण यादव, एसडीओ रद्र प्रताप आदि उपस्थित थे। मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया। कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। झारखंड राज्य में 24 जिले के 231 प्रखंड के 7139 ग्राम के 49 लाख 76,859 जनजातीय समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को लक्षित किया गया है, जिसमें गढ़वा जिले के 15 प्रखंड के 113 गांव के 18,522 अनुसूचित जनजाति समुदाय के परिवारों के कुल 96,724 व्यक्तियों को इस अभियान के अंतर्गत लक्षित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत वैसे ग्रामों का चयन किया गया है, जिनकी कुल जनसंख्या 500 से अधिक हो और उसमें अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 50 या उससे अधिक हो, एस्पिरेशनल ब्लाक कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रखंड के वैसे गांव जहां पर जनजातियों की कुल संख्या 50 से अधिक हो। इस अभियान के अंतर्गत वर्तमान वर्ष को शामिल करते हुए वर्ष 2028-29 तक के कुल पांच वर्षों में 17 मंत्रालयों के 25 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों/योजनाओं का क्रियान्वयन सैचुरेशन मोड में किया जाना है।


