बालोद| चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को शाम 4 बजे के बाद झलमला स्थित गंगा मैया मंदिर परिसर में विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। विसर्जन से पहले पारंपरिक रस्में निभाने, पूजा पाठ, माता सेवा का दौर चला। जिसके बाद 62 कुंवारे सेवकों ने गर्भगृह में रखे जंवारा कलश को सिर पर रखकर यात्रा में शामिल होकर बांधा तालाब पहुंचे। इसी तालाब में मां गंगा मैया की प्रतिमा मिली थी। पूजा पाठ के बाद जंवारा का विसर्जन किया गया। भीड़ की वजह से एनएच 930 मार्ग में आवागमन प्रभावित रहा।


