चैत्र नवरात्र 30 से 6 अप्रैल तक, पंचमी क्षय के कारण 8 दिन के होंगे नवरात्र

भास्कर न्यूज | अमृतसर चैत्र नवरात्र को लेकर लोगों में दुविधा की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च शाम 4.27 बजे शुरु हो रही है। इस तिथि का समापन 30 मार्च दोपहर 12.49 बजे होगा। पंडित सोहन लाल शास्त्री के अनुसार 2 दिवसीय प्रतिपदा तिथि होने के कारण चैत्र नवरात्र 30 मार्च को शुरू हो‌ंगे, क्योंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि को ही माना जाता है। इसीलिए चैत्र मास के नवरात्र 30 मार्च को शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेंगे। पहले नवरात्र के दिन ही हिंदुओं का नव विक्रमी संवत यानि नया साल भी शुरू होगा। चैत्र मास के नवरात्र का घट और स्थापित 30 मार्च को होगा। जिसके साथ ही व्रत भी रखा जाएगा। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6.13 से शुरू होकर 10.22 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.50 बजे तक रहेगा। इस बार पंचमी क्षय होने के कारण नवरात्र 9 की जगह 8 दिन के होंगे। नव विक्रम संवत के दिन दुर्ग्याणा समेत अन्य मंदिरों में संवत का कैलेंडर जारी किया जाएगा। नवरात्र की नवमी 6 अप्रैल को पंडित राधे श्याम के अनुसर अष्टमी तिथि 5 अप्रैल रात 7.26 बजे आरंभ होगी और 6 अप्रैल रात 7.22 बजे समाप्त होगी। इस वजह से रामनवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसी दिन लोग कन्या पूजन करके अपना व्रत खोल सकते हैं। .ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4.36 से 5.21 तक रहेगा। .अभिजीत मुहूर्त 11.49 से 12.49 तक रहेगा।

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