चौकेगारिया गांव में मांदर की थाप पर जूड़े में सखुआ के फूल लगा थिरकीं महिलाएं

भास्कर न्यूज | चांडिल कुकड़ू के चौकेगारिया गांव में आदिवासी समाज का प्रमुख वसंत पर्व सरहुल मंगलवार को पारंपरिक उत्साह आैर श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सरहुल झारखंड, बिहार व छत्तीसगढ़ में उरांव, मुंडा, संथाल और हो जनजातियों द्वारा मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। चौकेगारिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मांदर की थाप पर युवक-युवतियों और ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि अशोक साव भी आदिवासी समाज के साथ मांदर की थाप पर झूमते नजर आए। अपने संबोधन में उन्होंने सरहुल को प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता, भाईचारे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग एवं युवा उपस्थित थे। पूरे क्षेत्र में सरहुल को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।मौके पर उप मुखिया मनोज मछुआ, कार्तिक सिंह पतार, बादल महतो, डुंपा हांसदा, नारायण हांसदा, सुभाष चंद्र सोरेन, सुधीर बास्के, दशरथ हांसदा समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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