भास्कर न्यूज | जालंधर कंप्यूटर अध्यापक यूनियन ने लंबे समय से लंबित मांगों को मनवाने के लिए संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। यूनियन ने 14 फरवरी को संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।जिसमें जालंधर जिले के कंप्यूटर अध्यापक भी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। सचिव हरजिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ये शिक्षक 1 अप्रैल 2005 से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं और 2011 में सरकार द्वारा इन्हें रेगुलर भी कर दिया गया था, लेकिन रेगुलर होने के इतने वर्षों बाद भी उन्हें पूर्ण सरकारी लाभ प्राप्त नहीं हो रहे हैं। यूनियन की मुख्य मांग है कि उन्हें 1 जनवरी 2016 से छठा वेतन आयोग का लाभ दिया जाए और उनके नियुक्ति पत्रों की शर्तों के अनुसार उन्हें पंजाब सिविल सेवा नियमों के दायरे में लाकर शिक्षा विभाग में पूरी तरह मर्ज किया जाए। इसके अलावा शिक्षकों का कहना है कि 2021 से उनका महंगाई भत्ता फ्रीज पड़ा है क्योंकि अन्य कर्मचारियों की तरह उनका वेतन संशोधित नहीं किया गया। उनकी मांग है कि जब तक वेतन आयोग का मुद्दा पूरी तरह हल नहीं हो जाता, तब तक उन्हें अन-रिवाइज्ड कैटेगरी के तहत डीए की बकाया किश्तें प्रदान की जाएं।


