छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे के भीतर 69 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बुधवार को बीजापुर में 41 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिसमें 12 महिला और 29 पुरुष शामिल हैं। इन पर कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं, मंगलवार को नारायणपुर में 28 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इनमें 19 महिला नक्सली शामिल हैं। तीन नक्सलियों ने अपने हथियार भी डाले हैं। सभी ने IG सुंदरराज पी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया है। देखिए पहले बीजापुर सरेंडर ये तस्वीरें… बीजापुर में 41 नक्सलियों ने किया सरेंडर बीजापुर में 41 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। जिसमें 12 महिला और 29 पुरुष शामिल हैं। इन पर कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सलियों में पंडरू हपका उर्फ मोहन, बंडी हपका, लक्खू कोरसा, बदरू पुनेम और सुखराम हेमला शामिल हैं। इन सभी पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में पीएलजीए बटालियन नंबर 1 और अलग-अलग कंपनियों के सदस्य हैं। इनमें एसीएम, प्लाटून और एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, पीएलजीए सदस्य, मिलिशिया प्लाटून कमांडर, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर और मिलिशिया प्लाटून सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा आरपीसी के जनताना सरकार अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य, डीएकेएमएस, केएएमएस अध्यक्ष/सदस्य भी शामिल हैं। एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को आकर्षित कर रही है। हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने की अपील उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिये और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। नक्सली भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। 41 आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू राज्य सरकार ने इन 41 कैडरों के समाज में पुनर्वास और पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। जनवरी से अब तक 528 नक्सली गिरफ्तार इस साल 1 जनवरी 2025 से अब तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 528 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं, 560 मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और 144 मुठभेड़ में मारे गए हैं। वहीं, 1 जनवरी 2024 से अब तक 790 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1031 गिरफ्तार हुए हैं और 202 मारे गए हैं। नारायणपुर सरेंडर ये तस्वीरें… नारायणपुर में 28 नक्सली मुख्य धारा में लौटे नारायणपुर में IG सुंदरनाराज पी मौजूदगी में 28 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। तीन अपने साथ SLR, इंसास और 303 राइफल लेकर आए। सरेंडर नक्सलियों पर 89 लाख रुपए का इनाम था। जो कि अब पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में अलग-अलग स्तरों के सदस्य शामिल हैं। जिसमें माड डिवीजन डीवीसीएम सदस्य, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के सैन्य सदस्य एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), तकनीकी टीम सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा सैन्य प्लाटून पीपीसीएम, सैन्य प्लाटून सदस्य, एसजेडसीएम भास्कर की गार्ड टीम के पार्टी सदस्य (पीएम), सप्लाई टीम सदस्य (पीएम), एलओएस सदस्य (पीएम) और जनताना सरकार के सदस्य शामिल हैं। अब तक 287 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटे एसपी रॉबिन्सन गुड़िया ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद 2025 में जिले में कुल 287 माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। वहीं, आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नारायणपुर में 28 माओवादी कैडरों का पुनर्वास दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का अंत अब निकट है। बाकी नक्सलियों से सरेंडर करने की अपील उन्होंने कहा कि लोग “पूना मारगेम” पहल पर भरोसा जता रहे हैं और शांति, गरिमा और स्थायी प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 50 दिनों में बस्तर रेंज में 512 से अधिक माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है। आईजी ने बाकी नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। …………………………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नक्सली सरेंडर करने तैयार, 15 फरवरी तक का समय मांगा: MP-CG-महाराष्ट्र CM के नाम पत्र जारी, PLGA सप्ताह भी रद्द करने की बात कही नक्सली अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी हो गए हैं। (MMC जोन मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ कमेटी) के प्रवक्ता अनंत ने प्रेस रिलीज जारी कर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार से हथियार छोड़कर पुनर्वास योजना स्वीकार करने की इच्छा जताई है। वहीं इस लेटर पर सीएम साय ने कहा है कि नक्सलियों को पहले ही सरेंडर करने कहा गया है, सरकार उनके साथ न्याय करेगी। पढ़ें पूरी खबर…


