भास्कर न्यूज | पाटन मेराल पंचायत अंतर्गत चंदनपुर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन 6 वर्षों से अधूरा पड़ा है। जबकि निर्माण कार्य में 7 लाख 35 हजार में से संवेदक ने चार लाख रुपए की निकासी कर ली है। भवन के अधूरे रहने के कारण सेविका को केंद्र का संचालन निजी मकान में किराए पर करना पड़ रहा है, जहां बच्चों के लिए न तो शौचालय की सुविधा है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। तेज गर्मी के इस मौसम में बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेविका प्रिंता कुमारी ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहा है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से किराए का भुगतान भी विभाग द्वारा नहीं किया गया है। इस कारण केंद्र के संचालन में लगातार बाधाएं आ रही हैं। बुधवार को गर्मी की वजह से बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम रही। सेविका ने बताया कि केंद्र की सहायिका को अब तक विभाग द्वारा ड्रेस नहीं मुहैया कराया गया है। जिससे वह बिना ड्रेस के ही अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। इस संबंध में पाटन के बीडीओ डॉ. अमित कुमार झा ने बताया कि उनके कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व प्रखंड में 43 आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे थे, जिनमें से 22 केंद्रों का कार्य पूर्ण करा दिया गया है। शेष केंद्रों को भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा। सुपरवाइजर लीलावती कुमारी ने जानकारी दी कि विभागीय आवंटन नहीं होने के कारण केंद्र का किराया नहीं दिया जा सका है। जैसे ही आवंटन प्राप्त होगा, भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं सहायिका को जल्द ड्रेस उपलब्ध करा दिया जाएगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि भवन निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सके।


