राजकीय बांगड़ कॉलेज, डीडवाना में एनसीसी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों द्वारा प्रथम एक दिवसीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, समय प्रबंधन, साइबर जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे जीवन-मूल्यों का समावेश करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में अनुशासन, निष्ठा और सेवा भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
शिविर में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। राजकीय बांगड़ अस्पताल की पैथोलॉजिस्ट डॉ. चित्रलेखा ने स्वस्थ जीवन हेतु स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर चर्चा की। वहीं मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका रोहेला ने “मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं में मानसिक जागरूकता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे दैनिक जीवन, शिक्षा, सामाजिक संबंधों और करियर पर गहरा प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच और भावनात्मक नियंत्रण के उपाय बताए गए। नई किरण नशा मुक्त भारत अभियान के संयोजक प्रो. छोटाराम मेघवाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। डॉ. अंतिमा अग्रवाल ने विद्यार्थी जीवन में समय प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि योजना बनाकर कार्य करने से लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किए जा सकते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. कैलाश राठौड़ ने “सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और डिजिटल सतर्कता” विषय पर जानकारी दी, वहीं डॉ. तृप्ति सिंघल ने स्वयंसेवकों को निस्वार्थ सेवा की भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। शिविर के अंत में स्वयंसेवकों ने गोद ली गई बस्तियों में जाकर स्वच्छता अभियान चलाया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने बताया कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।


