आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर ने बुधवार को उमराली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल का निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता, प्राचार्य के व्यवहार और सुविधाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उन्होंने यह कार्रवाई की। छात्रों ने बताई भोजन और प्राचार्य के व्यवहार से जुड़ी समस्याएं निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर के समक्ष भोजन की खराब गुणवत्ता, प्राचार्य के अमानवीय व्यवहार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायतें रखीं। छात्रों ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है और कई बार प्रशासनिक स्टाफ का व्यवहार भी अच्छा नहीं रहता। शिक्षकों ने भी जताई नाराजगी कलेक्टर ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और स्टाफ से भी बात की। शिक्षकों ने भी प्राचार्य के व्यवहार को लेकर असंतोष जताया। चर्चा में यह सामने आया कि भोजन की गुणवत्ता कमजोर है और कुछ स्टाफ सदस्य बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच दल को तुरंत निर्देश दिए कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित, बेहतर और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। एक सप्ताह तक सतत निगरानी कलेक्टर माथुर ने प्रशासनिक टीम को आदेश दिया कि स्कूल की एक सप्ताह तक लगातार निगरानी की जाए। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता जांची जाएगी, छात्रों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो इसका ध्यान रखा जाएगा और प्रतिदिन की रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में भेजी जाएगी। सभी आवासीय संस्थानों के निरीक्षण के निर्देश कलेक्टर ने जिले के सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का समय-समय पर निरीक्षण करने और उनकी जांच रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने आक्रोशित बच्चों को भोजन करने के लिए प्रेरित किया और उनके साथ बैठकर स्वयं भी भोजन किया, जिससे छात्रों में भरोसा पैदा हुआ।


