विश्व रामायण सम्मेलन के समापन समारोह में आज (रविवार) शाम छिंदवाड़ा की परंपरागत श्रीरामलीला अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने अपनी छाप छोड़ेगी। श्रीरामलीला मंडल छिंदवाड़ा द्वारा रामकथा के दो सबसे भावुक और मार्मिक प्रसंग- ‘दशरथ देहत्याग’ और ‘भरत-राम मिलाप’ का मंचन किया जाएगा। इसके लिए रविवार सुबह मंडल के करीब 50 सदस्य छिंदवाड़ा से आयोजन स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। भरत मिलाप से भावुक होगा समापन
सम्मेलन के समापन को यादगार बनाने के लिए ‘भरत-राम मिलाप’ के दृश्य को चुना गया है। अयोध्या से चित्रकूट तक भरत की नंगे पांव यात्रा, सत्ता को ठुकराकर श्रीराम के चरणों में समर्पण और उनके करुण विलाप के दृश्य रामायण की सबसे संवेदनशील भावनात्मक परतों को छुएंगे। कलाकारों ने संवाद के साथ-साथ मौन और भाव-भंगिमाओं के जरिए भरत के त्याग को जीवंत करने की विशेष तैयारी की है। देश-विदेश के विद्वान देखेंगे मंचन
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से आए विद्वान, शोधकर्ता और सांस्कृतिक प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर छिंदवाड़ा की रामलीला का चयन उसकी परंपरागत शैली, अभिनय की गहराई और शास्त्रीय मर्यादा का प्रमाण माना जा रहा है। शहर के लिए ऐतिहासिक पल
मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भरत के चरित्र का मंचन न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि यह उस लोकनाट्य परंपरा का भी सम्मान है, जिसने पीढ़ियों से रामकथा को जन-जन तक पहुंचाया है। यह छिंदवाड़ा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।


