छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन में साध्वी सरस्वती के बयान ने सबसे अधिक ध्यान खींचा। उन्होंने मंच से स्पष्ट और दृढ़ शब्दों में कहा कि देश को सबसे ज्यादा खतरा देश के भीतर के जयचंदों से है, आज की हिंदू समाज की प्रत्येक माता-बहन को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि खाना बनाना याद हो या न हो, मेकअप करना आए या न आए, लेकिन तलवार चलाना हर स्त्री को अवश्य आना चाहिए। साध्वी सरस्वती ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह पुरुषों के लिए शस्त्र चलाना आवश्यक माना जाता है, उसी तरह महिलाओं के लिए भी यह समय की मांग है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर स्त्री को शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि संकट या युद्ध की स्थिति में महिलाएं पीछे न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में खड़ी हों। इससे पहले छिंदवाड़ा के छोटी बाजार, गुलाबरा, लालबाग सहित छह से अधिक स्थानों से बैंड-बाजे, डीजे और झंडों के साथ टोली और कलश यात्राएं निकाली गईं। सभी चल समारोह एक साथ दशहरा मैदान पहुंचे, जहां तिरंगा और भगवा झंडों से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।मैदान में कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता पूजन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव, राजू नरोटे, रोहित पोफली सहित नेतागण और सैकड़ो की संख्या में आमजन उपस्थित रहे


