उदयपुर शहर के जगदीश मंदिर में मुगलों को प्रवेश नहीं करने देने और मंदिर की सुरक्षा को लेकर डटे रहे नरू बारहठ के बलिदान दिवस पर उदयपुर में कार्यक्रम हुआ। जगदीश मंदिर स्थित नरू बारहठ के चबूतरे पर उस समय की विस्तार से जानकारी के साथ शिलालेख स्थापित किया गया। ट्रस्ट अध्यक्षा गर्विता खिडिया ने बताया कि करणी धरोहर सरंक्षण ट्रस्ट उदयपुर द्वारा इस ऐतिहासिक एवं उपेक्षित स्थान पर नरू बारहठ की जानकारी युक्त शिलालेख लगाया गया ताकि आने वाले देश-विदेश के पर्यटक एवं आम जन को यह महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके और बारहठ के बारे में सब कुछ जान सके। उन्होंने बताया कि महाराणा राजसिंह के समय औरंगजेब ने यहां पर आक्रमण किया तब जगदीश मंदिर की रक्षार्थ नरू बारहठ अपने 21 साथियों सहित यहां पर बलिदान हो गए थे। इस एतिहासिक स्थल के बारे में स्थानीय लोगों व अन्य बाहर के लोगों को कोई जानकारी नहीं मिलती इसलिए यहां पर यह महत्वपूर्ण जानकारी युक्त शिलालेख आवश्यक था और इसे स्थापित किया गया। यहां पर शिवलिंग स्थापना करते हुए पंडित मनोज शर्मा ने हवन किया। इस दौरान जिसमें अभिमन्यु सिंह बारहठ, यशवर्धन सिंह बारहठ, फतह सिंह राठौड़, अजय सिंह, प्रदीप पटवा आदि उपस्थित रहे।


