जगराओं के अखाड़ा गांव में ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिक बिजली बिल आने और बिना पूर्व सूचना के मीटर बदले जाने से नाराज ग्रामीणों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर पावरकॉम के रूमी कार्यालय में जमा करा दिए। ग्रामीणों को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल मिले, जिसके बाद उन्होंने अपने मीटरों की जांच की। उन्हें पता चला कि पुराने मीटरों की जगह चिप वाले स्मार्ट मीटर लगा दिए गए थे। इस पर ग्रामीणों में असंतोष फैल गया। विरोध में, ग्रामीणों ने मौके पर ही मीटर उतार दिए और सीधे तारें जोड़ लीं। उनका आरोप है कि ये स्मार्ट मीटर चोरी-छिपे लगाए गए हैं और ये निजीकरण की दिशा में पहला कदम हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन मीटरों से सब्सिडी खत्म हो जाएगी और बिजली महंगी हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मीटर उतारने के बाद भी उसमें लाइट जल रही थी, जिससे उन्हें आशंका है कि घर की सारी लाइटें बंद होने पर भी बिजली की खपत जारी रहेगी और रोजाना कम से कम 20 रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। उपमंडल अधिकारी को सौंपे मीटर भारतीय किसान यूनियन एकता डाकौंदा के ब्लॉक अध्यक्ष तरसेम सिंह बसुवाल और इकाई अध्यक्ष गुरतेज सिंह अखाड़ा के नेतृत्व में अखाड़ा गांव के निवासियों ने घर-घर से स्मार्ट मीटर निकालकर पावरकॉम के रूमी कार्यालय में उपमंडल अधिकारी अमरिंदर कुमार को सौंपे। इसकी रसीद भी ली गई। इस दौरान बिजली कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की। जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह पहल की गई है और इसे अन्य गांवों में भी लागू किया जाना चाहिए। पावरकॉम को निजी हाथों में सौंपने की साजिश उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों के जरिए पावरकॉम को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है, जिसमें राज्य सरकार की मौन सहमति है। इस दौरान पावरकॉम की जमीनें बेचने के फैसले के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।


