ब्यावर में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को चांग गेट पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और कानून को कमजोर करने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किशोर चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित रोजगार गारंटी कानून है। यह ग्रामीण गरीबों को प्रतिवर्ष 100 दिन काम पाने का अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार इस अधिकार को खत्म करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। पूर्व विधायक राकेश पारीक ने इस दौरान कहा कि मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि गांधी के विचारों – गरीब, गांव और श्रम की गरिमा – पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का बजट लगातार घटाया जा रहा है, जिससे राज्यों को समय पर कार्य स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं और मजदूर रोजगार से वंचित हो रहे हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक हंगामी लाल मेवाड़ा ने मनरेगा के तहत कार्य दिवसों में भारी कटौती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई पंचायतों में मांग के बावजूद काम नहीं दिया जा रहा है और मजदूरी का भुगतान महीनों तक लंबित रहता है, जिसके कारण मजदूरों को शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। मानक डानी ने आरोप लगाया कि मनरेगा की मजदूरी दरें महंगाई के अनुरूप नहीं बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान को आधार और जटिल डिजिटल प्रक्रियाओं से जोड़कर गरीब मजदूरों को व्यवस्था से बाहर किया जा रहा है, जो मनरेगा की मूल भावना पर हमला है। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध कांग्रेस का प्रदर्शन, देखें फोटोज… कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चौहान ने मनरेगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को भूख से बचाया है, महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान की है और गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट कटौती, भुगतान में देरी और नाम परिवर्तन के माध्यम से इस कानून को निष्प्रभावी बनाने के किसी भी प्रयास को कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी। पारस पंच ने कहा कि मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना संविधान की भावना के खिलाफ है। रोजगार के अधिकार को कमजोर करना सामाजिक न्याय पर हमला है और कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक ले जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “महात्मा गांधी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “मनरेगा कमजोर करना बंद करो” और “गरीब का रोजगार छीना तो सरकार नहीं टिकेगी” जैसे नारे लगाकर आक्रोश व्यक्त किया।
इस अवसर पर सेवादल जिला अध्यक्ष विक्रम सोनी के नेतृत्व में महात्मा गांधी सर्किल पर रामधुनी व भजन गायन किया गया। वहीं पर्यावरण प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह काठात के नेतृत्व में “अरावली बचाओ–राजस्थान बचाओ” अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव भुवनेश शर्मा ने मनरेगा से जुड़े पोस्टरों का वितरण कर जनजागरण किया।
अंत में किशोर चौधरी ने मांग की कि मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए, योजना का बजट बढ़ाया जाए, 100 दिन के काम की गारंटी सुनिश्चित की जाए तथा मजदूरों को समय पर पूरी मजदूरी का भुगतान किया जाए। मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


