भास्कर न्यूज |लुधियाना मॉडल टाउन एक्सटेंशन अमर शहीद बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा साहिब में स्त्री सत्संग सभा की ओर से हर बुधवार को जप तप समागम करवाया जाता है। इस समागम में पूरे पंजाब से संगत आकर हिस्सा लेती है। दोपहर 12 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक समागम चलता रहा। समागम की शुरूआत श्री जपजी साहिब के पाठ से की गई और इसके उपरांत श्री चौपाई साहिब, श्री सुखमणि साहिब का पाठ संगत ने मिलकर किया। जप तप समागम में हिस्सा लेने वाली संगत अलग-अलग पकवानों का प्रसाद लेकर आई है। बीबी नवजोत कौर ने बताया कि इस समागम में जो भी सच्चे दिल से हिस्सा लेता है बाबा जी उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि माघ के महीने में तो सिमरन करने से डबल फल प्राप्त होता है। सभी संगत ने मिलकर हम रूलते फिरते कोई बात न पूछता शब्द गायन किया। वहीं अउखी घड़ी न देखण देई अपना बिरद समाले का गुणगान भी संगत द्वारा किया गया। जिसका अर्थ है कि परमात्मा अपना बिरद याद रखता है और अपने दास को संकट काल की एक घड़ी भी देखने नहीं देता। वह अपना हाथ देकर अपने दास की रक्षा करता हैं और हर श्वास-श्वास उसका पालन-पोषण करता है। मेरा चित प्रभु से ही लगा रहता है। मेरा मित्र प्रभु धन्य है, वह तो आदि से अंत तक सदैव ही मेरा सहायक बना रहता है। ॥रहाउ॥ मालिक की आश्चर्यजनक लीला और बड़ाई को देखकर मेरे मन में हर्षोल्लास उत्पन्न हो गया है। हे नानक प्रभु ने मेरी पूरी लाज-प्रतिष्ठा रख ली है, इसलिए परमेश्वर का नाम-स्मरण करके आनंद प्राप्त करो। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के हैड ग्रंथी ने अरदास की उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का हुक्मनामा लिया। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य सुरिंदरपाल सिंह बिंद्रा और जरनल सेक्रटरी सुखविंदर सिंह सरना, नवप्रीत सिंह बिंद्रा ने सभी संगत का धन्यवाद किया जो सुबह से शाम तक दरबार साहिब के हाल भरा होने की वजह से सड़कों पर बैठकर सिमरन करते रहे।


