एक ही जमीन पर दोहरी जमाबंदी करने में प्रशासन से मांगा जाता है जवाब रांची जिले में जमीन विवाद से जुड़े मामलों की बाढ़ आ गई है। हरेक माह 100 से अधिक मामले डीसी के पास आ रहे हैं। दर्जनों मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जवाब दाखिल करने का निर्देश मिल रहा है। विभिन्न अंचलों से जुड़े मामले में पक्ष रखने के लिए संबंधित अंचल के पदाधिकारी, एसडीओ या एसी या डीएलएओ स्तर से जिला मुख्यालय से कानूनी राय मांगी जाती है। मुख्यालय स्तर पर अधिक मामला रहने पर जवाब देने में समय लग जाता है। इसे देखते हुए रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने सरकार से एक विधि सलाहकार मांगा है। डीसी ने राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र लिखकर नियमित या आउटसोर्स पर विधि सलाहकार की नियुक्ति करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि न्यायालयों में चल रहे केसों में कानूनी पक्ष रखने में कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए एक विधि सलाहकार को नियमित या आउटसोर्स पर रखने की अनुमति दें। क्योंकि, विधि सलाहकार नियुक्त होने से कानूनी पक्ष रखने में तेजी आएगी। सरकारी जमीन पर कब्जा से लेकर रैयती जमीन का मुआवजा नहीं देने तक के मामले रांची में सरकारी जमीन पर कब्जा से लेकर रैयती जमीन के अधिग्रहण करने पर मुआवजा नहीं देने सहित अन्य मामले विभिन्न कोर्ट में पेंडिंग हैं। इसके अलावा जमीन के कागजात में फर्जीवाड़ा करके खरीद-बिक्री करने, जलस्रोतों की जमीन का अतिक्रमण करने, नालों का अतिक्रमण करने सहित अन्य मामले न्यायालयों में चल रहे हैं। इसके अलावा एक ही जमीन पर दोहरी जमाबंदी करने, जमाबंदी नहीं खोलने, लगान रसीद जारी नहीं करने सहित अन्य मामलों में प्रशासन से जवाब मांगा जाता है। समय पर जवाब देने के लिए कानूनी जानकार का होना जरुरी है। प्रशासन के विधि शाखा में मैन पावर की कमी होने से न्यायालयों में समय पर पक्ष रखने में दिक्कत हो जाती है। विधि सलाहकार के आने से यह समस्या दूर होगी। इसके अलावा डीसी के कोर्ट में भी हरेक माह सैकड़ों मामले आते हैं। इसका भी जवाब बनाने में सुविधा होगी। विधि सलाहकार का होना जरुरी, काम में आएगी तेजी जिले में नियमित या आउटसोर्स पर विधि सलाहकार की नियुक्ति करने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। विधि सलाहकार के आने से कानूनी से संबंधित जवाब बनाने और न्यायालयों में पक्ष रखने में सुविधा होगी। समय पर काम होंगे। विधि शाखा के कार्यों में भी तेजी आएगी। मंजूनाथ भजंत्री, डीसी, रांची


