करोजन साइंस एंड इंजीनियरिंग कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो कोरकॉन-2025 सोमवार को जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एसोसिएशन फॉर मैटेरियल्स प्रोटेक्शन एंड परफॉरमेंस (एएमपीपी) इंडिया चैप्टर की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत समेत विभिन्न देशों से 900 से अधिक प्रतिनिधि और 100 से अधिक प्रदर्शक कंपनियां शामिल हुईं। सम्मेलन में क्षरण नियंत्रण, सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और मटेरियल प्रोटेक्शन पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। ऑयल-गैस, ऊर्जा, रक्षा, उर्वरक, रिफाइनरी, न्यूक्लियर और समुद्री संरचनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने टेक्निकल सेशंस, राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और डिफेंस वर्कशॉप के जरिए नई तकनीकों और वैश्विक प्रथाओं पर चर्चा की। एएमपीपी इंडिया चैप्टर के सेक्रेटरी दीपेन झवेरी ने कहा- कोरकॉन-2025 ने ‘सुरक्षित, संरक्षित और सतत विश्व’ की दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए उद्योग, शिक्षा और रक्षा क्षेत्र को एक साझा मंच पर जोड़ा है। भारत में क्षरण की आर्थिक चुनौती पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने बताया- देश की जीडीपी का लगभग 4% यानी करीब 5.5 लाख करोड़ रुपए हर साल क्षरण से प्रभावित होते हैं। प्रभावी रोकथाम उपायों से 15 से 35% तक की बचत संभव है। 1992 से सक्रिय एएमपीपी इंडिया चैप्टर ने इस आयोजन के माध्यम से भारत को सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और मटेरियल प्रोटेक्शन इनोवेशन का उभरता केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।


