इंदौर की एक युवती के साथ ऑनलाइन जर्मन कोचिंग कराने के नाम पर ठगी हो गई। मामले में क्राइम ब्रांच ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में दो महिला टीचर्स, ज्योति और संगीता, को संलिप्त पाया जा रहा है। तनुश्री हिंगरानी, जो खजराना की निवासी हैं, ने एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया से शिकायत की थी। तनुश्री ने कहा कि वह अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जर्मन भाषा सीखने का प्रयास कर रही थीं और इस उद्देश्य से उन्होंने दिल्ली स्थित एक कोचिंग संस्था ‘इंटेलिजिन्स टेक्नोलॉजी’ से संपर्क किया था। कोचिंग के नाम पर 24 हजार रुपए जमा किए गए थे। धोखाधड़ी की कड़ी तनुश्री ने आरोप लगाया कि कोचिंग संस्था ने पहले खुद को तिलक नगर, दिल्ली से संचालित होने का दावा किया, लेकिन असल में इसका पता फतेहपुर था। पहले स्तर और दूसरे स्तर के ट्रेनर्स का डेमो दिखाकर उन्हें आकर्षित किया गया। लेकिन ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए एडवांस भुगतान लेने के बाद, प्रशिक्षक ज्योति और संगीता ने लगातार बहाने बनाकर ट्रेनिंग नहीं दी। तनुश्री को जब लगा कि उनसे धोखा हुआ है, तो उन्होंने आरोपियों की जानकारी प्राप्त की, जिसके बाद यह पता चला कि अंजली नागपाल नाम की एक और व्यक्ति भी इस प्रकार के धोखाधड़ी का शिकार हो चुकी थी। दिल्ली पुलिस में भी इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई तनुश्री ने पहले खजराना पुलिस को शिकायत की, जिसके बाद मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली जाकर फतेहपुर और तिलक नगर इलाकों में दबिश दी और आरोपियों के खिलाफ जानकारी जुटाई।


